May 02, 2026 Fact Recorder
National Desk: धनबाद की राजनीति में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं। निरसा के अशोक मंडल आगामी 3 मई को ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस से जुड़े यूनाइटेड कोल वर्कर्स यूनियन में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में धनबाद से भाजपा सांसद ढुलू महतो की मौजूदगी भी रहेगी, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
निरसा के गुरुद्वारे में होने वाला यह कार्यक्रम केवल संगठनात्मक गतिविधि नहीं माना जा रहा, बल्कि कोयलांचल की सियासत में संभावित बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। अशोक मंडल के इस कदम को उनकी राजनीतिक “घर वापसी” की संभावनाओं से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
अशोक मंडल का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वे वर्ष 2000 से 2011 तक भाजपा से जुड़े रहे और संगठन में जिलाध्यक्ष जैसी जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इसके बाद उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा का दामन थामा, लेकिन चुनावी राजनीति में उन्हें लगातार सफलता नहीं मिली।
बाद में उन्होंने अलग राजनीतिक प्रयोग करते हुए विभिन्न मंचों से चुनाव लड़ा, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके। हालांकि निरसा क्षेत्र में उनका जनाधार अब भी मजबूत माना जाता है।
अब यूनियन राजनीति से जुड़ने के फैसले को उनकी नई रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जिसके जरिए वे मजदूर वर्ग में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आगे चलकर उन्हें मुख्यधारा की राजनीति में दोबारा सक्रिय भूमिका दिला सकता है।
वहीं ढुलू महतो की सक्रिय उपस्थिति को लेकर भी अटकलें तेज हैं कि यह जुड़ाव भविष्य में भाजपा के साथ संभावित समीकरणों की ओर इशारा कर सकता है। कोयलांचल की राजनीति में इस घटनाक्रम को एक बड़े बदलाव की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।













