चंडीगढ़, 29 अप्रैल 2026 Fact Recorder
Punjab Desk: एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित करते हुए सरकारी एजेंसियों द्वारा गेहूं की खरीद महज दो हफ्तों में आज 100 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) के पार पहुंच गई है। गेहूं की आवक ने 14 अप्रैल से रफ्तार पकड़ी थी और अब तक, यानी दो सप्ताह के दौरान, सरकारी एजेंसियों द्वारा पहले ही 103.4 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है।
अब तक कुल 107.26 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है, जिसमें से 104.29 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है।
खरीदे गए गेहूं में से विभिन्न सरकारी एजेंसियों द्वारा 103.4 लाख मीट्रिक टन जबकि व्यापारियों द्वारा 90,434 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है।
उल्लेखनीय है कि विभाग ने यह रिकॉर्ड तोड़ उपलब्धि केवल दो हफ्तों के भीतर हासिल की है।
सरकारी एजेंसियों में से पनसप द्वारा 23.99 लाख मीट्रिक टन, मार्कफेड द्वारा 26.98 लाख मीट्रिक टन, पनग्रेन (डीसीपी) द्वारा 7.55 लाख मीट्रिक टन, एफसीआई द्वारा 2 लाख मीट्रिक टन, पनग्रेन (नॉन-डीसीपी) द्वारा 25.95 लाख मीट्रिक टन और पीएसडब्ल्यूसी द्वारा 16.90 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है।
इस संबंध में विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार किसान समुदाय द्वारा खून-पसीने से उगाए गए अनाज के एक-एक दाने की खरीद के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मंत्री ने कहा कि उन्होंने खरीद कार्यों का जायजा लेने के लिए राज्य भर की मंडियों का व्यक्तिगत रूप से दौरा किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निर्बाध खरीद सीजन के लिए कोई कमी न रह जाए। उन्होंने पूरी खरीद प्रक्रिया का निरीक्षण करने के साथ-साथ किसानों, आढ़तियों और मजदूरों सहित सभी हितधारकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान किया और सुझाव भी लिए गए ।
भुगतान के संबंध में, अब तक 24,000 करोड़ रुपये से अधिक के न्यूनतम समर्थन मूल्य को मंजूरी दी गई है, जिसमें से 22,000 करोड़ रुपये पहले ही किसानों के खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं, जबकि शेष भुगतान प्रक्रिया में है। खरीद के 48 घंटों के भीतर 101 प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि खरीद सीजन को सफल बनाने के लिए 1897 खरीद केंद्रों और लगभग 986 अस्थायी यार्डों को सक्रिय करने जैसे पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।













