28 अप्रैल 2026 Fact Recorder
Business Desk: भारत और न्यूजीलैंड ने एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड भारतीय उत्पादों पर 100% टैरिफ खत्म करेगा, जिससे भारत के निर्यातकों को सीधा फायदा मिलेगा। वहीं भारत लगभग 70% टैरिफ लाइनों को चरणबद्ध तरीके से खोलेगा, जिससे न्यूजीलैंड के अधिकांश उत्पादों को भारतीय बाजार तक पहुंच मिल सकेगी।
इस डील से कपड़ा, चमड़ा, इंजीनियरिंग सामान और प्रोसेस्ड फूड जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को तुरंत लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, भारत ने डेयरी और कुछ कृषि उत्पादों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को फिलहाल सुरक्षा दी है।
समझौते में सेवाओं पर भी खास जोर दिया गया है। न्यूजीलैंड ने 100 से ज्यादा सेक्टरों में भारतीय पेशेवरों, स्टार्टअप्स और सेवा क्षेत्र के लिए नए अवसर खोले हैं। साथ ही छात्रों और कुशल कामगारों के लिए वीजा और काम के नए विकल्प भी शामिल किए गए हैं।
दोनों देशों ने कृषि, तकनीक और आयुष जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। साथ ही, सप्लाई चेन और कृषि उत्पादकता में करीब 20 अरब डॉलर के संभावित निवेश की योजना भी इस समझौते का अहम हिस्सा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को निर्यात बढ़ाने, MSMEs को मजबूती देने और नए निवेश आकर्षित करने वाला बताया। उनका कहना है कि इससे छात्रों और कुशल पेशेवरों के लिए भी नए अवसर खुलेंगे।
यह समझौता भारत मंडपम, नई दिल्ली में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले की मौजूदगी में साइन किया गया। दोनों देशों की मंजूरी के बाद इसके अगले 6 महीनों में लागू होने की संभावना है।
हालांकि भारत और न्यूजीलैंड के बीच मौजूदा व्यापार लगभग 2.1 अरब डॉलर का ही है, लेकिन विशेषज्ञ इसे एक रणनीतिक कदम मानते हैं, जो भविष्य में व्यापार, निवेश और सहयोग के नए रास्ते खोलेगा।











