तहसीलों में टोकन के अनुमोदन में देरी, ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली में तकनीकी खामियां, पेपरलेस पंजीकरण से जुड़ी समस्याएं, भ्रष्टाचार, अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न या सरकारी सेवाओं, विशेषकर संपत्ति पंजीकरण से संबंधित सभी अनियमितता का होगा त्वरित समाधान
चंडीगढ़, 17 अप्रैल 2026 Fact Recorder
Haryana Desk: हरियाणा के राजस्व विभाग ने पंजीकरण और अन्य राजस्व सेवाओं से जुड़ी जन शिकायतों के समयबद्ध समाधान के लिए एक समर्पित सिटिजन हेल्पडेस्क शुरू करने की घोषणा की है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के आदेशानुसार शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य शिकायतों के समाधान में होने वाली देरी को खत्म करना, अनियमितताओं पर रोक लगाना और राज्य भर में सरकारी सेवाओं को और अधिक नागरिक-अनुकूल बनाना है।
उन्होंने बताया कि नागरिक हेल्पडेस्क एक सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा, जहां हरियाणा के निवासी तहसीलों में टोकन के अनुमोदन में देरी, ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली में तकनीकी खामियां, पेपरलेस पंजीकरण से जुड़ी समस्याएं, भ्रष्टाचार, अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न या सरकारी सेवाओं, विशेषकर संपत्ति पंजीकरण से संबंधित किसी भी प्रकार की अनियमितता के बारे में शिकायत दर्ज करवा सकेंगे।
दो तरीकों से कर सकते हैं संपर्क:
डॉ. मिश्रा ने बताया कि नागरिक दो माध्यमों से हेल्प डेस्क से संपर्क कर सकते हैं-निर्धारित लैंडलाइन नंबर 0172-271-1693 पर कॉल करके या आधिकारिक ईमेल ‘हेल्पडेस्क-आरईवी एट एचआरवाई डॉट जीओवी डाॅट इन’ पर लिखकर। यह हेल्पडेस्क सोमवार से शुक्रवार तक सभी कार्य दिवसों पर सुबह 9ः30 बजे से शाम 5ः30 बजे तक संचालित रहेगा। शिकायत दर्ज होने के बाद शिकायतकर्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ऑटो-जनरेटेड यूनिक शिकायत नंबर भेजा जाएगा। इससे शिकायत की रीयल-टाइम ट्रैकिंग संभव होगी और नागरिक बिना बार-बार सरकारी कार्यालय गए अपनी शिकायत की स्थिति जान सकेंगे, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए समय-सीमा निर्धारित
उन्होंने बताया कि इस पहल के अंतर्गत निर्धारित समय अवधि में समस्या का समाधान आवश्यक होगा। यदि पंजीकरण टोकन पांच दिनों के भीतर अनुमोदित नहीं होता है, तो नागरिक सीधे हेल्पडेस्क पर मामला उठा सकते हैं। किसी भी चरण में अनावश्यक देरी होने पर टोकन धारकों को तुरंत संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
डाॅ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि टोकन अनुमोदित होने के बाद आवेदकों को दस दिनों के भीतर अपॉइंटमेंट बुक करना होगा, अन्यथा सिस्टम द्वारा टोकन स्वतः रद्द कर दिया जाएगा। इसी प्रकार, यदि अपॉइंटमेंट बुक होने के बाद बीस दिनों के भीतर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं होती है, तो संबंधित टोकन भी स्वतः रद्द हो जाएगा। ये प्रावधान प्रणाली के दुरुपयोग को रोकने और पंजीकरण स्लॉट्स के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए लागू किए गए हैं।
48 घंटे में समाधान की गारंटी
हेल्पडेस्क के माध्यम से दर्ज सभी शिकायतों का निवारण 48 घंटे के भीतर करना अनिवार्य होगा। यह सख्त समय-सीमा विभाग की त्वरित कार्रवाई की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और इससे लंबित शिकायतों में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
केंद्रीकृत मॉनिटरिंग डैशबोर्ड
उन्होंने बताया कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि हेल्पडेस्क स्वयं कोई प्रशासनिक बाधा न बन जाए, एक केंद्रीकृत मॉनिटरिंग डैशबोर्ड भी स्थापित किया गया है। इस डैशबोर्ड तक राजस्व वित्तायुक्त और उपायुक्तों की सीधी पहुंच होगी, जिससे वे शिकायत निवारण की स्थिति को रीयल-टाइम में देख सकेंगे और जहां कहीं देरी या अनियमितता होगी, वहां हस्तक्षेप कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि पेपरलेस पंजीकरण से संबंधित शिकायतों के लिए नागरिकों को शिकायत दर्ज करते समय अपना पंजीकरण टोकन नंबर देना अनिवार्य होगा, जिससे संबंधित मामले की त्वरित पहचान और समाधान संभव हो सके।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि यह पहल राजस्व सेवाओं को और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से नागरिकों को समस्याएं बताने के लिए एक सीधा और सुलभ माध्यम उपलब्ध करवाकर तथा अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के तहत जवाबदेह बनाकर, हरियाणा सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सार्वजनिक सेवा वितरण में किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।













