हंगरी में सत्ता परिवर्तन: रूस-अमेरिका को झटका, भारत के लिए नए मौके

14 अप्रैल, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk: यूरोप के देश हंगरी में लंबे समय बाद बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है। पीटर मैग्यार की तिस्जा पार्टी ने चुनाव जीतकर विक्टर ओर्बन की फिडेज सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया। इस बदलाव को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अहम माना जा रहा है।

नई सरकार के आने से यूरोपीय यूनियन के साथ हंगरी के संबंध सुधरने की उम्मीद है, जिससे रुकी हुई अरबों यूरो की फंडिंग दोबारा शुरू हो सकती है। मैग्यार ने कानून का राज मजबूत करने और संवैधानिक सुधारों का भी वादा किया है।

ओर्बन सरकार रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीब मानी जाती थी और उसने यूक्रेन को मिलने वाली आर्थिक मदद में अड़चनें डाली थीं। ऐसे में नई सरकार का रुख रूस के लिए झटका और यूक्रेन के लिए राहत माना जा रहा है।

यह बदलाव डोनाल्ड ट्रंप और उनके समर्थकों के लिए भी झटका है, क्योंकि ट्रंप ने ओर्बन का खुलकर समर्थन किया था।

भारत के लिए यह स्थिति संतुलित और सकारात्मक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई सरकार को बधाई देते हुए द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की बात कही है। व्यापार, शिक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग जारी रहने की उम्मीद है, और हंगरी के जरिए यूरोप में भारत की रणनीतिक स्थिति और मजबूत हो सकती है।