सीजफायर में पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल: ट्रंप की रणनीति में ‘संदेशवाहक’ बनकर रह गया इस्लामाबाद

09 अप्रैल, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

International Desk:  पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच United States और Iran के बीच हुए दो हफ्तों के युद्धविराम में Pakistan की भूमिका को लेकर नई रिपोर्ट्स में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जिनमें दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने खुद को मध्यस्थ के रूप में पेश किया, लेकिन वास्तव में वह केवल अमेरिका का संदेशवाहक बनकर रह गया।

रिपोर्ट के अनुसार, White House ने पाकिस्तान का इस्तेमाल ईरान तक प्रस्ताव पहुंचाने के लिए किया। इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif की भूमिका सीमित रही और उन्हें कोई स्वतंत्र निर्णय लेने का अवसर नहीं मिला।

बताया गया है कि पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम का सुझाव सार्वजनिक रूप से पेश किया गया, लेकिन असल बातचीत और रणनीतिक स्तर पर संपर्क Donald Trump प्रशासन और पाकिस्तानी सेना प्रमुख के बीच हुआ। इस दौरान अमेरिका के शीर्ष नेतृत्व ने सीधे संवाद स्थापित किया।

एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी पाकिस्तान की सीमित भूमिका उजागर हुई, जिसमें ‘ड्राफ्ट’ संदेश गलती से सार्वजनिक हो गया। इससे यह संकेत मिला कि बयान पहले से तैयार किया गया था और पाकिस्तान केवल उसे आगे बढ़ाने का काम कर रहा था।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि क्षेत्रीय घटनाक्रम, जैसे लेबनान से जुड़े दावों पर भी पाकिस्तान की बात को Benjamin Netanyahu और अमेरिकी पक्ष ने खारिज कर दिया, जिससे उसकी कूटनीतिक स्थिति कमजोर दिखाई दी।

अब आगे की बातचीत Islamabad में होने की संभावना है, जहां दोनों देशों के प्रतिनिधि आमने-सामने बैठकर लंबे समय से चल रहे तनाव को खत्म करने पर चर्चा करेंगे।