2 अप्रैल, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Himachal Desk: हिमाचल प्रदेश की राजधानी Shimla में विधानसभा सत्र के दौरान सरकार ने दो महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए हैं। इनमें एक जहां लिफ्ट और एस्केलेटर की सुरक्षा को लेकर सख्त नियम लाता है, वहीं दूसरा नशे (चिट्टा) के मामलों में आरोपित लोगों को पंचायत चुनाव लड़ने से रोकने का प्रावधान करता है।
पहले विधेयक के तहत लोक निर्माण मंत्री Vikramaditya Singh ने हिमाचल प्रदेश लिफ्ट संशोधन विधेयक-2026 पेश किया। इसका उद्देश्य होटलों और अन्य भवनों में लिफ्ट, एस्केलेटर और ट्रैवलेटर के उपयोग को कानूनी दायरे में लाना है। अब बिना सरकारी अनुमति इनके संचालन पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। साथ ही लाइसेंस, सुरक्षा मानकों की जांच और तकनीकी जानकारी देना अनिवार्य होगा। निरीक्षकों को नियमों के उल्लंघन पर संचालन बंद कराने का अधिकार भी दिया गया है, जबकि यात्रियों के लिए बीमा कवरेज अनिवार्य किया जाएगा।
दूसरी ओर, सरकार ने नशा मुक्त अभियान को मजबूत करने के लिए पंचायती राज संशोधन विधेयक 2026 भी पेश किया है। इसे Rajesh Dharmani ने सदन में प्रस्तुत किया। प्रस्ताव के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ ‘चिट्टा’ (नशे) के मामले में चार्जशीट दायर हो जाती है, तो उसे पंचायत चुनाव लड़ने से वंचित कर दिया जाएगा। यह कदम नशे के खिलाफ सख्ती बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इसके अलावा, पंचायतों की ग्रामसभाओं में कोरम को लेकर भी बदलाव प्रस्तावित किया गया है। अब ग्रामसभा की बैठक के लिए पंचायत की कुल आबादी का 10 प्रतिशत या न्यूनतम 30 सदस्यों की उपस्थिति को पर्याप्त माना जाएगा, ताकि बैठकों में कोरम की समस्या खत्म हो सके।
👉 कुल मिलाकर, हिमाचल सरकार के ये नए विधेयक एक ओर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में हैं, तो दूसरी ओर नशे के खिलाफ सख्त संदेश भी देते हैं।













