2 अप्रैल, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Himachal Desk: हिमाचल प्रदेश की राजधानी Shimla में 74 वर्षीय Madan Gautam ने मानवता की अनूठी मिसाल पेश करते हुए अपने निधन के बाद देहदान किया। उनका शरीर Indira Gandhi Medical College (आईजीएमसी) को सौंपा गया, जहां अब मेडिकल के प्रशिक्षु डॉक्टर उनके शरीर पर अध्ययन और शोध कर सकेंगे। जानकारी के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2013 में ही देहदान के लिए पंजीकरण करवा लिया था और अपने संकल्प को जीवन के अंत तक निभाया। परिजनों ने बताया कि वे हमेशा समाज सेवा के कार्यों में आगे रहते थे और मानते थे कि मृत्यु के बाद शरीर को चिकित्सा शिक्षा के लिए उपयोग में लाना सबसे बड़ा योगदान है। आईजीएमसी प्रशासन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे मेडिकल छात्रों को मानव शरीर को समझने में मदद मिलेगी और भविष्य में बेहतर इलाज संभव होगा। अस्पताल में अब तक 11 लोग देहदान कर चुके हैं, जबकि 452 लोगों ने इसके लिए पंजीकरण कराया है, जो समाज में बढ़ती जागरूकता का संकेत है।













