अमेरिका का चंद्र मिशन: 54 साल बाद नई उड़ान, NASA का Artemis II इतिहास रचने को तैयार

2 अप्रैल, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर 

International Desk:  अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने अपने महत्वाकांक्षी Artemis II मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की दिशा में भेजकर अंतरिक्ष इतिहास में नई शुरुआत की है। करीब 54 साल बाद, यानी Apollo 17 के बाद, यह पहला मौका है जब इंसान फिर से चांद के करीब पहुंचने जा रहा है।

इस मिशन में कमांडर Reid Wiseman, पायलट Victor Glover, मिशन विशेषज्ञ Christina Koch और कनाडा के Jeremy Hansen शामिल हैं। यह दल कई मायनों में खास है, क्योंकि पहली बार कोई महिला, अश्वेत और कनाडाई नागरिक पृथ्वी की निचली कक्षा से आगे यात्रा कर रहे हैं।

क्या है आर्टेमिस-II मिशन?

Artemis II नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम का दूसरा चरण है। यह करीब 10 दिन का मानव मिशन है, जिसमें स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट और ओरायन कैप्सूल का उपयोग किया जा रहा है। इससे पहले Artemis I को 2022 में बिना मानव के सफलतापूर्वक भेजा गया था।

इस बार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे, लेकिन उसकी सतह पर उतरेंगे नहीं। यह मिशन “फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी” पर आधारित है, यानी चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण यान को स्वतः पृथ्वी की ओर वापस ले आएगा।

मिशन की खास बातें

  • यह उड़ान चंद्रमा के उस हिस्से के पास से गुजरेगी, जो पृथ्वी से दिखाई नहीं देता
  • अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की सतह से हजारों किलोमीटर ऊपर से अध्ययन करेंगे
  • संभव है कि यह मिशन इंसानों की पृथ्वी से सबसे अधिक दूरी का नया रिकॉर्ड बनाए

मिशन के मुख्य लक्ष्य

नासा ने इस मिशन के जरिए भविष्य के बड़े अंतरिक्ष अभियानों की नींव रखने का लक्ष्य तय किया है:

  • सुरक्षा परीक्षण: अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा और जीवन-रक्षक सिस्टम की जांच
  • तकनीकी मूल्यांकन: रॉकेट और ओरायन यान की क्षमताओं का परीक्षण
  • भविष्य की तैयारी: आगे चलकर चंद्रमा पर मानव लैंडिंग और मंगल मिशन की तैयारी
  • वैज्ञानिक अध्ययन: चंद्रमा की सतह, क्रेटर और लावा प्रवाह का विश्लेषण
  • स्पेस वेदर रिसर्च: सौर ज्वालाओं और अंतरिक्ष विकिरण का अध्ययन

चांद पर क्यों नहीं उतरेगा मिशन?

हालांकि यह मानव मिशन है, लेकिन इसमें चंद्रमा पर लैंडिंग नहीं होगी। इसकी मुख्य वजह यह है कि ओरायन कैप्सूल लैंडिंग के लिए डिजाइन नहीं किया गया है। चंद्रमा पर उतरने के लिए विशेष लैंडर की जरूरत होती है, जिसे SpaceX विकसित कर रहा है और इसका उपयोग Artemis III में किया जाएगा।

आगे क्या?

Artemis II की सफलता के बाद अगला बड़ा कदम Artemis III होगा, जिसमें इंसानों को दोबारा चंद्रमा की सतह पर उतारने की योजना है। नासा का दीर्घकालिक लक्ष्य चांद पर स्थायी मानव बेस बनाना और भविष्य में मंगल ग्रह तक मानव मिशन भेजना है।

यह मिशन सिर्फ एक उड़ान नहीं, बल्कि अंतरिक्ष में मानव सभ्यता के अगले अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।