सोना ₹3000 से ज्यादा टूटा, चांदी भी फिसली—हाई से ₹2.13 लाख तक 

30 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Business Desk:  अंतरराष्ट्रीय बाजार से कमजोर संकेतों और वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोमवार को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। निवेशकों की धारणा पर असर पड़ने से दोनों कीमती धातुओं में भारी बिकवाली दर्ज की गई।

Multi Commodity Exchange (MCX) पर 5 जून डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव में शुरुआत से ही कमजोरी रही। सोना करीब 0.27% गिरकर 1,46,850 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला, लेकिन दिन के दौरान इसमें तेज गिरावट आई और यह करीब ₹3,043 टूटकर 1,44,212 रुपये प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गया।

चांदी की कीमतों में भी गिरावट का रुख रहा। 5 मई डिलीवरी वाली चांदी करीब 0.96% गिरकर 2,25,763 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई। वहीं, यह अपने हालिया उच्च स्तर से करीब ₹2.13 लाख तक सस्ती हो चुकी है।

वैश्विक स्तर पर इस गिरावट के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होना और महंगाई की बढ़ती चिंताओं ने सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों पर दबाव बनाया है। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव भी बाजार को प्रभावित कर रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 1.61% गिरकर 4,420.48 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि स्पॉट सिल्वर लगभग 3% टूटकर 67.69 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता देखा गया।

मार्च का महीना सोने के लिए बेहद कमजोर रहा है। इस दौरान कीमतों में करीब 15% की गिरावट आई, जो अक्टूबर 2008 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट मानी जा रही है। वहीं चांदी भी अपने मार्च के उच्च स्तर से करीब 30% नीचे आ चुकी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भले ही वैश्विक तनाव के समय सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन फिलहाल मजबूत डॉलर और ब्याज दरों का दबाव उस पर भारी पड़ रहा है। आने वाले समय में सोने-चांदी की कीमतों की दिशा आर्थिक आंकड़ों और मध्य पूर्व की स्थिति पर निर्भर करेगी।