27 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में रामनवमी के अवसर पर दर्शन व्यवस्था में अहम बदलाव किया गया है। मंदिर समिति के अनुसार, गुरुवार रात 10 बजे से लेकर शुक्रवार शाम 5 बजे तक मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रखे गए हैं।
इस दौरान बाबा श्याम की विशेष पूजा-अर्चना और पारंपरिक तिलक श्रृंगार किया जा रहा है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, अमावस्या और विशेष पर्वों पर यह प्रक्रिया लंबे समय तक चलती है, इसलिए पवित्रता और मर्यादा बनाए रखने के लिए दर्शन अस्थायी रूप से रोक दिए जाते हैं।

नई व्यवस्था के तहत, रामनवमी के दिन शाम 5 बजे के बाद श्रृंगार पूर्ण होने पर मंदिर के कपाट दोबारा खोले जाएंगे, जिसके बाद श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। मंदिर प्रशासन ने भक्तों से अपील की है कि वे इस समय-सारणी को ध्यान में रखते हुए ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, बाबा श्याम बर्बरीक हैं, जो महाभारत काल के महान योद्धा और भीम के पौत्र थे। उन्हें भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त है और कलियुग में ‘हारे के सहारे’ के रूप में पूजा जाता है।













