हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल: 8 IAS अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए तैयार

27 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Himachal Desk:  हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है। राज्य कैडर के कुल 8 आईएएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए तैयार हैं। इनमें से तीन अधिकारी—आरडी नजीम, सी पालरासू और अरिंदम चौधरी—बजट सत्र समाप्त होने के बाद अप्रैल के पहले सप्ताह में केंद्र सरकार में अपनी नई जिम्मेदारियां संभाल सकते हैं।

इसके अलावा डॉ. अभिषेक जैन, ए सायना मोल, हरिकेश मीणा और प्रियंका बासु इंगटी को भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन करने की अनुमति मिल चुकी है। वहीं, आईएएस अधिकारी राकेश कुमार प्रजापति को आवेदन की मंजूरी नहीं दी गई है।

एक साल पहले केंद्र से लौटे आईएएस अधिकारी रितेश चौहान को अध्ययन अवकाश की स्वीकृति मिल गई है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहीं एम. सुधा देवी का संयुक्त सचिव स्तर के लिए केंद्र में इंपैनलमेंट फिलहाल लंबित है।

इस बीच, कुछ अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति अवधि भी पूरी हो चुकी है। आर. सेलवम और भरत खेड़ा अब राज्य में वापसी कर चुके हैं। वहीं, अनुराधा ठाकुर लंबे समय से केंद्र में अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं।

प्रशासनिक ढांचे में बदलाव के तहत वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी श्याम भगत नेगी को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है, जबकि आईएफएस अधिकारी सुशील कुमार सिंगला को पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का सचिव बनाया गया है।

राज्य में आईएएस कैडर की स्थिति की बात करें तो कुल 153 स्वीकृत पदों में से 36 पद अभी भी खाली हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार ने केंद्र से अनुरोध किया है कि हर साल बड़ी संख्या में आईएएस अधिकारी न भेजे जाएं, क्योंकि राज्य के पास अपने प्रशासनिक सेवा अधिकारियों की पर्याप्त उपलब्धता है।

कुल मिलाकर, यह फेरबदल प्रशासनिक संतुलन और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।