18 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Lifestyle Desk: Gudi Padwa हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे विशेष रूप से Maharashtra में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह दिन हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है और चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को पड़ता है।
साल 2026 में गुड़ी पड़वा 19 मार्च, गुरुवार को मनाया जाएगा। इसी दिन से Chaitra Navratri की भी शुरुआत होती है, इसलिए इस दिन का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
कब है गुड़ी पड़वा? हिंदू पंचांग के अनुसार गुड़ी पड़वा हर साल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह पर्व 19 मार्च को पड़ेगा और इसे हिंदू नववर्ष की शुरुआत माना जाता है।
गुड़ी पड़वा क्यों मनाया जाता है?
1. भगवान राम की विजय से जुड़ी मान्यता
मान्यता है कि जब Rama ने Ravana का वध कर अयोध्या वापसी की थी, तब लोगों ने उनकी विजय के प्रतीक के रूप में घरों पर गुड़ी यानी ध्वज स्थापित किया था।
2. सृष्टि की शुरुआत
हिंदू मान्यताओं के अनुसार इसी दिन Brahma ने सृष्टि की रचना शुरू की थी, इसलिए इसे सृष्टि का पहला दिन भी माना जाता है।
3. विजय और समृद्धि का प्रतीक
गुड़ी को घर के बाहर ऊंचाई पर लगाया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत, समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है।
गुड़ी पड़वा का महत्व
यह दिन हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है।
नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है।
घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली लाने वाला पर्व माना जाता है।
इसी दिन से चैत्र नवरात्रि की भी शुरुआत होती है।
कैसे मनाया जाता है गुड़ी पड़वा?
घर की साफ-सफाई और सजावट की जाती है।
दरवाजे पर रंगोली बनाई जाती है।
घर के बाहर गुड़ी (ध्वज) स्थापित किया जाता है।
पारंपरिक व्यंजन जैसे Puran Poli बनाए जाते हैं।
परिवार के साथ पूजा-अर्चना कर उत्सव मनाया जाता है।
यह पर्व नई उम्मीद, नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा के साथ जीवन में आगे बढ़ने का संदेश देता है।













