16 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: हरीश राणा के 13 साल लंबे ‘मौन संघर्ष’ का अंत होने जा रहा है। गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाले हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से लगभग कोमा जैसी अवस्था में थे। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराने के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उनके लिए ‘पैसिव यूथेनेशिया’ की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
AIIMS ले जाने से पहले उनके घर पर एक भावुक विदाई का दृश्य सामने आया। ब्रह्मा कुमारी संस्था की बहनें उनके घर पहुंचीं और ‘राजयोग ध्यान’ का सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान एक ब्रह्म कुमारी बहन ने उनके माथे पर तिलक लगाया और कहा, “शांति से जाओ हरीश, सबको माफ करते हुए और सबसे माफी मांगते हुए।”
दरअसल, साल 2013 में पढ़ाई के दौरान चौथी मंज़िल से गिरने के बाद हरीश राणा गंभीर रूप से घायल हो गए थे और तब से बिस्तर पर ही थे। बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने उनकी इच्छामृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की याचिका को मंजूरी दी थी।
विदाई के समय परिवार और मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। ब्रह्म कुमारी बहनों ने ध्यान सत्र के माध्यम से उनकी आत्मा की शांति और शक्ति के लिए प्रार्थना की। इस पूरे पल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।











