11 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Sports Desk: ICC Men’s T20 World Cup 2026 के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय ऑलराउंडर Shivam Dube का घर लौटने का सफर काफी अनोखा रहा। फाइनल मैच के कुछ ही घंटों बाद उन्हें Mumbai के लिए फ्लाइट नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने ट्रेन से यात्रा करने का फैसला किया।
दरअसल, Ahmedabad के Narendra Modi Stadium में खेले गए फाइनल में भारतीय टीम ने New Zealand national cricket team को हराकर खिताब अपने नाम किया। इस मैच में दुबे ने आखिरी ओवर में शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम का स्कोर 250 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 20वें ओवर में तीन चौके और दो छक्के लगाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
फ्लाइट नहीं मिली तो ट्रेन से निकले
फाइनल के बाद अधिकांश खिलाड़ी फ्लाइट से अपने-अपने शहरों को रवाना हो गए, लेकिन दुबे को Mumbai के लिए कोई फ्लाइट नहीं मिल सकी। ऐसे में उन्होंने अपनी पत्नी अंजुम और एक दोस्त के साथ अहमदाबाद–मुंबई सायाजी एक्सप्रेस की एसी 3-टियर बोगी में टिकट बुक कर ट्रेन से सफर करने का फैसला किया।
पहचान छिपाने के लिए अपनाया खास तरीका
वर्ल्ड कप जीत के बाद भीड़ से बचने के लिए दुबे ने पहचान छिपाने का प्लान बनाया। उन्होंने कैप, मास्क और फुल स्लीव टी-शर्ट पहन ली। ट्रेन में चढ़ते ही वे सीधे अपनी सीट की अपर बर्थ पर चले गए और रेलवे के कंबल से खुद को ढक लिया।
टिकट चेकर से भी बच निकले
सफर के दौरान एक मजेदार पल तब आया जब टिकट चेकर टिकट जांचने पहुंचा। उसने पूछा, “शिवम दुबे? वो कौन है, क्रिकेटर?” इस पर दुबे की पत्नी अंजुम ने तुरंत जवाब दिया कि “नहीं-नहीं, वो यहां कहां से आएगा।” इसके बाद टीसी आगे बढ़ गया और दुबे ने राहत की सांस ली।
उतरते समय पुलिस की मदद ली
करीब आठ घंटे के सफर के बाद ट्रेन Boriwali स्टेशन पहुंची। दिन के समय भीड़ की आशंका को देखते हुए दुबे ने पुलिस से मदद ली, जिसके बाद वे सुरक्षित स्टेशन से बाहर निकल सके।
टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन
पूरे टूर्नामेंट में Shivam Dube ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 39 की औसत और 169 के स्ट्राइक रेट से 235 रन बनाए। निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 17 छक्के और 15 चौके लगाए। फाइनल में उनकी 8 गेंदों में 26 रन की पारी टीम की जीत में अहम साबित हुई।
घर पहुंचने पर उनके चार साल के बेटे अयान और दो साल की बेटी मेहविश उनका इंतजार कर रहे थे। वर्ल्ड कप जीतने के बाद ट्रेन की अपर बर्थ पर छिपकर घर लौटने का यह सफर उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा।













