Mandi, 9 मार्च 2026 Fact Recorder
Himachal Desk: Census of India 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के सफल संचालन के लिए जिला स्तरीय तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ डीआरडीए सभागार में किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन Deepashikha Sharma ने किया, जबकि इस अवसर पर उपायुक्त एवं मुख्य जनगणना अधिकारी Apurv Devgan भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना के प्रथम चरण को निर्धारित समय में सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
दीपशिखा शर्मा ने बताया कि जनगणना एक समयबद्ध प्रक्रिया है, इसलिए सभी गतिविधियों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि Census of India 2027 देश की 16वीं जनगणना होगी। कोविड-19 महामारी के कारण Census of India 2021 आयोजित नहीं हो सकी थी। केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार जनगणना मार्च 2027 में की जाएगी और इसकी प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में मकानों का सूचीकरण किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना होगी। पहला चरण 12 मई से 11 जून तक आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त डेटा नीति निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि डेटा सटीक और विश्वसनीय होगा तो योजनाओं का निर्माण भी प्रभावी होगा और उनका लाभ सही तरीके से लोगों तक पहुंच सकेगा। भारत विश्व का सबसे अधिक आबादी वाला और तेजी से विकसित होने वाला देश है, इसलिए सटीक आंकड़ों का महत्व और भी बढ़ जाता है।
दीपशिखा शर्मा ने बताया कि इस बार जनगणना में पहली बार स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके तहत नागरिक मोबाइल या वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इस प्रक्रिया में लगभग 34 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। बाद में जब जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे, तो वे इन जानकारियों का सत्यापन कर पोर्टल पर दर्ज करेंगे। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों और परिवारों के लिए उपयोगी होगी जो कार्य या व्यवसाय के कारण दिनभर घर से बाहर रहते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्देश्य जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को गृह सूचीकरण की प्रक्रिया, डिजिटल माध्यमों और नवीन तकनीकों के उपयोग की विस्तृत जानकारी देना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्मों जैसे सीएमएमएस पोर्टल, एचएलओ (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन) और एचएलबीसी ऐप के उपयोग के बारे में भी बताया जा रहा है। इन माध्यमों के जरिए वास्तविक समय में फील्ड डेटा संग्रह, निगरानी तथा गांवों की सीमाओं और पर्यवेक्षण क्षेत्रों के निर्धारण की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण सांख्यिकीय प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से प्राप्त आंकड़े सरकार की विभिन्न योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जनगणना के आंकड़ों के आधार पर संसद और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों, पंचायतों तथा अन्य स्थानीय निकायों की सीटों का परिसीमन भी किया जाता है। इस प्रकार प्रगणक केवल जानकारी एकत्र नहीं करते, बल्कि राष्ट्र निर्माण की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा बनते हैं।
इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर प्रियांशु, डीसीओ नोडल अधिकारी हिमांशु और आनंद सोनी प्रतिभागियों को जनगणना से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दे रहे हैं। कार्यशाला में अतिरिक्त उपायुक्त Gursimar Singh, नगर निगम आयुक्त Rohit Rathour, जिला राजस्व अधिकारी Harish Sharma, सभी एसडीएम, तहसीलदार (चार्ज अधिकारी) तथा क्लर्क (चार्ज सहायक) भी उपस्थित रहे।













