04 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Haryana Desk: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोनीपत जिले के भटगांव गांव में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में प्रदेशभर की 602 पंजीकृत गोशालाओं को 68 करोड़ 34 लाख रुपये की चारा अनुदान राशि वितरित की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य गोशालाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार गोशालाओं के उत्पादों को बढ़ावा देने और उनके संचालन खर्च को कम करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। प्रदेश की 330 गोशालाओं में सोलर ऊर्जा प्लांट लगाए जा चुके हैं और वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंत तक सभी पंजीकृत गोशालाओं को सौर ऊर्जा आधारित परिसरों में परिवर्तित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि गोशालाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया जारी है, जिससे वे अपने उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग कर सकें। पंचगव्य आधारित उत्पादों—जैविक खाद, प्राकृतिक पेंट, दीया, धूपबत्ती, गोबर के गमले और गो अर्क—के निर्माण के लिए 101 गोशालाओं को मशीनरी हेतु अनुदान प्रदान किया गया है। साथ ही पंचकूला में हरियाणा गोवंश अनुसंधान केंद्र की स्थापना कर अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
देसी नस्लों के संरक्षण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा, साहिवाल और बेलाही जैसी देसी नस्लों के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना लागू की गई है। दूध उत्पादन क्षमता के आधार पर पशुपालकों को 5,000 से 20,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
समारोह को श्याम सिंह राणा, डॉ. अरविंद शर्मा, मोहनलाल बड़ौली और हरियाणा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण गर्ग सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गोशाला संचालक, पशुपालक और ग्रामीण मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि गौसेवा और पशुपालन को बढ़ावा देना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।













