बार-बार चिप्स और कोल्ड ड्रिंक की क्रेविंग क्यों होती है? रिसर्च ने बताई तंबाकू जैसी लत की वजह

21 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Health Desk:  क्या आपको भी बार-बार चिप्स, कोल्ड ड्रिंक या पैक्ड स्नैक्स खाने का मन करता है? अगर हां, तो इसे सिर्फ आदत समझकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। हालिया रिसर्च बताती है कि ऐसे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स की क्रेविंग तंबाकू की लत जैसी हो सकती है।

General Addiction में प्रकाशित स्टडी “Addictive potential of ultra-processed foods” के अनुसार, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक, बिस्कुट, इंस्टेंट नूडल्स और अन्य पैक्ड फूड्स दिमाग पर ऐसा असर डालते हैं कि इन्हें बार-बार खाने की इच्छा बनने लगती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इनका प्रभाव दिमाग के उसी हिस्से पर पड़ता है, जो नशे की लत में सक्रिय होता है।

क्यों बढ़ती है यह क्रेविंग?

विशेषज्ञों के मुताबिक, आजकल बाजार में मिलने वाले पैक्ड फूड्स को खास तरह से डिजाइन किया जाता है—ताकि उनका स्वाद, बनावट और खुशबू लोगों को तुरंत आकर्षित करे। यही वजह है कि पेट भरा होने के बावजूद भी लोग इन्हें खाने की इच्छा महसूस करते हैं। कई बार लोग इन्हें कम करने की कोशिश करते हैं, लेकिन कुछ समय बाद दोबारा वही क्रेविंग लौट आती है। बच्चों और युवाओं में यह आदत तेजी से बढ़ रही है, जिसे लेकर हेल्थ एक्सपर्ट्स चिंता जता रहे हैं।

तंबाकू जैसी लत क्यों कहा गया?

रिसर्च के अनुसार, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स दिमाग के रिवार्ड सिस्टम को एक्टिव कर देते हैं। चिप्स या कोल्ड ड्रिंक लेने पर दिमाग में डोपामिन जैसे केमिकल रिलीज होते हैं, जो खुशी और संतुष्टि का एहसास कराते हैं। यही प्रक्रिया तंबाकू या निकोटिन के सेवन में भी होती है। बार-बार ऐसा होने पर दिमाग उसी अनुभव को दोहराना चाहता है और व्यक्ति को फिर से वही चीज खाने की तलब लगती है।

इन फूड्स में नमक, चीनी और फैट का ऐसा मिश्रण होता है, जो तुरंत संतुष्टि देता है, लेकिन यह संतुष्टि टिकती नहीं। नतीजा—थोड़ी देर बाद फिर से खाने की इच्छा। धीरे-धीरे यह आदत मजबूत होकर लत जैसी क्रेविंग में बदल सकती है।

प्रोसेस्ड फूड के नुकसान

  • मोटापा, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा

  • दिल की बीमारियों का जोखिम बढ़ना

  • बच्चों और युवाओं में भविष्य की स्वास्थ्य समस्याएं

क्या करें?

  • चिप्स और कोल्ड ड्रिंक का सेवन सीमित रखें

  • पैक्ड फूड खरीदते समय लेबल जरूर पढ़ें

  • घर का बना ताजा और संतुलित भोजन अपनाएं

  • फल, सब्जियां और साबुत अनाज डाइट में शामिल करें

  • धीरे-धीरे जंक फूड की आदत कम करने की कोशिश करें

छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके आप न सिर्फ क्रेविंग कंट्रोल कर सकते हैं, बल्कि शरीर और दिमाग—दोनों को हेल्दी रख सकते हैं। 🍎🥗