19 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
International Desk: अमेरिका–ईरान तनाव के बीच ईरान में आए भूकंप ने अंतरराष्ट्रीय हलकों में चिंता बढ़ा दी है। ईरान की अहम न्यूक्लियर साइट वाले शहर बुशहर से करीब 100 किलोमीटर दूर बिदुखन इलाके में 5.5 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे बताया गया है।
भूकंप या परमाणु परीक्षण?
German Research Centre for Geosciences के मुताबिक गुरुवार सुबह भारतीय समयानुसार करीब 10 बजे दक्षिण ईरान में यह झटका दर्ज किया गया। संयोग यह है कि परमाणु परीक्षण के दौरान भी अक्सर 4 से 5.5 तीव्रता के भूकंप जैसे संकेत मिलते हैं। इसी वजह से सवाल उठ रहे हैं कि यह सामान्य भूकंप था या किसी गुप्त परमाणु गतिविधि का नतीजा। हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
बुशहर: ईरान की अहम न्यूक्लियर साइट
बुशहर ईरान का एकमात्र चालू न्यूक्लियर पावर प्लांट है। ईरान का दावा है कि यहां यूरेनियम का इस्तेमाल केवल बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है। इस प्लांट का संचालन रूस की मदद से किया जा रहा है और हाल ही में रूस ने यहां आठ और न्यूक्लियर साइट विकसित करने की घोषणा भी की थी। जानकारों का मानना है कि इसी वजह से बुशहर हमेशा पश्चिमी देशों की नजर में रहता है।
440 किलो संवर्धित यूरेनियम का दावा
International Atomic Energy Agency के मुताबिक ईरान के पास फिलहाल करीब 440 किलो संवर्धित यूरेनियम है, जिसे जून 2025 तक 60 प्रतिशत तक संवर्धित किया जा चुका था। विशेषज्ञों के अनुसार 90 प्रतिशत संवर्धन के बाद यूरेनियम से परमाणु हथियार बनाया जा सकता है। इसी कारण अमेरिका लगातार ईरान पर दबाव बना रहा है कि वह अपने यूरेनियम भंडार को बाहर ट्रांसफर करे।
बढ़ता अंतरराष्ट्रीय दबाव
इन यूरेनियम भंडारों को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच ओमान और जिनेवा में बातचीत भी हो चुकी है। ऐसे समय में न्यूक्लियर साइट के पास आया यह भूकंप कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है—क्या यह महज प्राकृतिक घटना थी या फिर क्षेत्र में चल रही किसी बड़ी रणनीतिक गतिविधि का संकेत?
फिलहाल दुनिया की नजर ईरान पर टिकी है और आने वाले दिनों में इस भूकंप से जुड़े और खुलासे अंतरराष्ट्रीय राजनीति को नई दिशा दे सकते हैं।













