19 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Punjab Desk: पंजाब भर में 8.18 लाख से अधिक विद्यार्थी 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं देने जा रहे हैं, जिसके लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने निष्पक्षता, अनुशासन और नकल के प्रति जीरो टॉलरेंस सुनिश्चित करते हुए सुरक्षा और निगरानी के लिए व्यापक ढांचागत व्यवस्था की है।
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा पेपर लीक के जोखिमों को समाप्त करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत, तकनीकी आधारित प्रणाली लागू की गई है, जिसके तहत 384 उड़न दस्तों सहित विशेष टीमें तैनात की गई हैं जो अचानक निरीक्षण करेंगी, प्रश्न पत्रों की रीयल टाइम ट्रैकिंग के लिए एम.ए.टी.क्यू.ऐप पेश की गई है और परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में धारा 144 लागू की गई है।
6,792 परीक्षा केंद्र स्थापित करके और 5,600 से अधिक अधिकारियों को तैनात करके पंजाब की शिक्षा प्रणाली निर्विघ्न, भरोसेमंद और सुरक्षित परीक्षाएं सुनिश्चित करने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है, जो शिक्षा में पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
विद्यार्थियों को उनकी परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए, श्री हरजोत सिंह बैंस ने उन्हें आत्मविश्वास और ईमानदारी से परीक्षा देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, ‘परीक्षाएं अपने ज्ञान की आज़माईश के लिए होती हैं। मैं सभी विद्यार्थियों से अपील करता हूं कि वे निडरता, पूर्ण विश्वास और ईमानदारी से परीक्षाओं में बैठें। आपकी आज की कड़ी मेहनत आपके भविष्य को रोशन करेगी और पंजाब को नई ऊंचाइयों की ओर ले जाएगी।’
शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य भर में 8.18 लाख से अधिक विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाएं देने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा राज्य भर में 6792 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 8वीं कक्षा के लिए 2307, 10वीं के लिए 2367 और 12वीं के लिए 2118 परीक्षा केंद्र शामिल हैं। परीक्षाओं की निगरानी करने और जमीनी स्तर पर सुचारू कार्य सुनिश्चित करने के लिए 2,469 सुपरिंटेंडेंट और 3,193 डिप्टी सुपरिंटेंडेंट तैनात किए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए 111 विशेष टीमों सहित 384 उड़न दस्ते अचानक निरीक्षण करेंगे।
पारदर्शिता और जवाबदेही संबंधी सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए श्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “शिक्षा के क्षेत्र में जवाबदेही और अनुशासन के नए युग की शुरुआत करते हुए राज्य सरकार ने अपनी तरह की पहली तकनीकी पहल एम.ए.टी.क्यू. ऐप भी तैयार की है ताकि प्रश्न पत्रों की वास्तविक समय की ट्रैकिंग, पूर्ण सुरक्षा और जीरो लीकेज रिस्क सुनिश्चित किया जा सके।” उन्होंने कहा, “परीक्षा के माहौल को और बेहतर बनाने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के घेरे में धारा 144 सख्ती से लागू की गई है ताकि अनधिकृत व्यक्तियों के इकट्ठा होने पर रोक लगाई जा सके।”
सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार का पारदर्शी शिक्षा वाला सपना अब साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और निष्पक्षता पर ध्यान केंद्रित करते हुए राज्य भर में सुचारू रूप से परीक्षाएं करवाई जा रही हैं।’













