पंजाब में ‘ऑपरेशन प्रहार-2’ शुरू: गैंगस्टरों पर कड़ा शिकंजा, 72 घंटे तक मैदान में रहेंगे सीनियर पुलिस अफसर

08 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Punjab Desk:  पंजाब को गैंगस्टरों के खौफ से मुक्त करने के लिए पंजाब पुलिस ने अपने बड़े अभियान ‘वॉर ऑन गैंगस्टर्स’ के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी है। इस दूसरे फेज को ‘ऑपरेशन प्रहार-2’ नाम दिया गया है, जो सोमवार 9 फरवरी की सुबह से लगातार 72 घंटे तक चलेगा।

रविवार को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने इस ऑपरेशन की औपचारिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह गैंगस्टरों के खिलाफ चल रही लड़ाई का दूसरा और अधिक आक्रामक चरण है, जिसमें वांटेड अपराधियों की गिरफ्तारी पर खास फोकस रहेगा।

सीनियर अधिकारी खुद उतरेंगे फील्ड में

डीजीपी ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार-2 के दौरान जिलों के SSP, पुलिस कमिश्नर और DIG स्तर के अधिकारी खुद फील्ड में मौजूद रहेंगे। ये अधिकारी न केवल क्राइम सीन का निरीक्षण करेंगे, बल्कि पेट्रोलिंग, नाकाबंदी और ड्यूटी चेकिंग भी सुनिश्चित करेंगे।

नॉन-कोर ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों को हटाकर उन्हें कोर ड्यूटी जैसे पेट्रोलिंग, नाके और थानों में तैनात किया जाएगा। ऑपरेशन के दौरान वाहनों की सघन जांच, विशेषकर दो पहिया वाहनों, पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

भ्रम फैलाने वालों पर भी नजर

डीजीपी गौरव यादव ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन के दौरान केवल उन्हीं लोगों पर कार्रवाई होगी जो आपराधिक मामलों में संलिप्त या संदिग्ध हैं। आम जनता को परेशान करने का कोई इरादा नहीं है। किसी भी आपराधिक घटना की स्थिति में इलाके को सील करने, अपराधियों की एंट्री-एग्जिट रोकने और जवाबी कार्रवाई के लिए पहले से ही स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार कर ली गई है।

12 हजार पुलिसकर्मी, 2 हजार टीमें होंगी तैनात

डीजीपी के मुताबिक, ऑपरेशन प्रहार-2 में करीब 12,000 पुलिसकर्मी और 2,000 विशेष पुलिस टीमें पूरे पंजाब में एक साथ एक्शन में रहेंगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर राज्य सरकार और पुलिस गैंगस्टरों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो गैंगस्टर देश या विदेश में बैठकर पंजाब में अपराध फैला रहे हैं, वे खुद को सुरक्षित न समझें। पंजाब की धरती पर अपराध करने वालों को कहीं से भी पकड़कर लाया जाएगा।

ऑपरेशन प्रहार-1 में 5,290 गिरफ्तारियां

डीजीपी ने बताया कि 20 जनवरी से शुरू हुए ऑपरेशन प्रहार-1 के दौरान पंजाब पुलिस ने 5,290 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा 2,973 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि 5,413 लोगों को सत्यापन के बाद रिहा किया गया।

उन्होंने कहा कि पुलिस का लक्ष्य सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि गैंगस्टरों की क्रिमिनल फाइनेंसिंग और पूरे नेटवर्क को तोड़ना है, ताकि अपराध की जड़ पर वार किया जा सके।

‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान में भी बड़ी कार्रवाई

गैंगस्टरों के साथ-साथ पंजाब पुलिस नशे के खिलाफ भी सख्त अभियान चला रही है। डीजीपी ने बताया कि 1 मार्च 2025 से चल रहे ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत अब तक

  • 34,000 FIR दर्ज

  • 45,000 नशा तस्करों की गिरफ्तारी

  • जिनमें 3,000 बड़े सप्लायर शामिल

  • 65 हवाला ऑपरेटर गिरफ्तार

  • और 2,150 किलो हेरोइन की बरामदगी की गई है।

डीजीपी ने दोहराया कि पंजाब को गैंगस्टर और ड्रग्स फ्री बनाना ही पुलिस और सरकार का मुख्य उद्देश्य है।