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हिमाचल के 100 सीबीएसई स्कूलों में 2100 से ज्यादा पदों पर होगी भर्ती, सरकार ने जारी की नई गाइडलाइंस

21 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Himachal Desk:  हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने नई गाइडलाइंस जारी करते हुए 100 सीबीएसई उत्कृष्टता विद्यालयों में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के 2100 से अधिक पदों को भरने का निर्णय लिया है। यह योजना तत्काल प्रभाव से सीबीएसई संबद्धता के लिए स्वीकृत 130 सरकारी विद्यालयों में लागू कर दी गई है।

इन स्कूलों में 560 नियमित शिक्षक, 130 स्पेशल एजुकेटर, चौकीदार और स्वीपर के 130 पद तथा 390 मल्टीटास्क वर्करों की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा योगा टीचर, काउंसलर-कम-वेलनेस, अंग्रेजी और गणित के प्रोफेशनल शिक्षक आउटसोर्स आधार पर लगाए जाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन नियुक्तियों के कारण मूल कैडर में उत्पन्न रिक्तियों को प्रशिक्षु के रूप में सीधी भर्ती के जरिए भरा जाएगा।

सरकार ने हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से 400 अंग्रेजी और 400 गणित शिक्षकों की अस्थायी नियुक्ति का भी फैसला लिया है। इन शिक्षकों को पांच वर्षों के लिए 30 हजार रुपये मासिक निश्चित मानदेय दिया जाएगा, जो साल में 10 महीनों के लिए देय होगा। शिक्षा विभाग द्वारा अंग्रेजी और गणित में छात्रों की दक्षता बढ़ाने के लिए एक विशेष पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा, जो मौजूदा सिलेबस के अतिरिक्त होगा।

छात्र संख्या के आधार पर इन शिक्षकों की तैनाती 130 सीबीएसई स्कूलों में की जाएगी और जरूरत पड़ने पर अन्य सरकारी विद्यालयों में भी उनकी सेवाएं ली जा सकेंगी। इसके साथ ही प्रत्येक स्कूल में तीन-तीन अंशकालिक बहु-कार्यकारी कर्मचारियों की तैनाती का प्रस्ताव है। गैर-शिक्षण स्टाफ जैसे क्लर्क, जेओए (आईटी), वरिष्ठ सहायक और अधीक्षक के पद विभाग के भीतर युक्तिकरण और स्थानांतरण के जरिए भरे जाएंगे।

प्रवेश प्रक्रिया को लेकर सरकार ने स्पष्ट किया है कि 100 सीबीएसई स्कूलों में प्रवेश सामान्य तौर पर “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर उपलब्ध सीटों तक सीमित रहेगा। हालांकि बालवाटिका से कक्षा 12 तक विद्यालय आवश्यकता अनुसार संवाद, अवलोकन, ज्ञान परीक्षण या प्रवेश परीक्षा आयोजित कर सकते हैं। शिक्षा का माध्यम सीबीएसई मानकों के अनुरूप होगा और इसे चरणबद्ध तरीके से अंग्रेजी माध्यम में बदला जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2031-32 तक सभी 100 स्कूलों में पूरी तरह अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होगी।

इस योजना का उद्देश्य सीबीएसई स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना, छात्रों की भाषा और गणितीय दक्षता बढ़ाना और स्कूलों को राष्ट्रीय शैक्षणिक मानकों के अनुरूप विकसित करना है।