20 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: केरल का प्रसिद्ध सबरीमाला अयप्पा मंदिर इन दिनों एक बड़े राजनीतिक और धार्मिक विवाद के केंद्र में है। मंदिर में सोने की परत चढ़ाने से जुड़ी कथित हेराफेरी अब मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर मामले में तब्दील हो चुकी है। इसी सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में 21 स्थानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की है।
यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की जा रही है। इससे पहले केरल पुलिस की एफआईआर के आधार पर ईडी ने मामला दर्ज किया था। जांच पहले से ही केरल हाई कोर्ट की निगरानी में गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है।
मुख्य पुजारी की गिरफ्तारी, अब तक 11 आरोपी अरेस्ट
इस हाई-प्रोफाइल मामले में मंदिर के मुख्य पुजारी (तंत्री) कंदारारू राजीवारू को हाल ही में गिरफ्तार किया गया है। अब तक कुल 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि सोने की हेराफेरी एक संगठित साजिश के तहत की गई।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद की जड़ वर्ष 1998 से जुड़ी है, जब उद्योगपति विजय माल्या ने मंदिर के गर्भगृह, द्वारपालक मूर्तियों और लकड़ी की नक्काशी के लिए करीब 30.3 किलोग्राम सोना और 1,900 किलोग्राम तांबा दान किया था।
हाई कोर्ट की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि वर्षों बाद जब सोने की परत का वजन मापा गया, तो उसमें काफी कमी पाई गई। इससे त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के कामकाज और मंदिर प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए।
सोने की चादरों के सैंपल लेगी SIT
हाई कोर्ट की अनुमति के बाद SIT की टीम सन्निधानम पहुंच चुकी है। टीम मंदिर की
द्वारपालक मूर्तियों,
श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजों,
तांबे की प्लेटों पर चढ़ी सोने की परत
की मात्रा मापेगी और सैंपल लेगी। जांच में प्रशासनिक लापरवाही, आधिकारिक मिलीभगत और आपराधिक साजिश की आशंका जताई गई है।
चार चरणों में हो रही है जांच
श्रीकोविल और आसपास की सजावटी वस्तुओं पर सोने की परत
वर्ष 2019 में पुराने सोने के दरवाजे को नए दरवाजे से बदलना
2019 में द्वारपालक मूर्तियों की सोने की प्लेट्स हटाना
वर्ष 2025 में दोबारा सोने की परत चढ़ाने से जुड़े सभी लेन-देन











