08 January 2026 Fact Recorder
International Desk: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोलंबिया को लेकर अपना रुख अचानक बदल दिया है। कुछ दिन पहले सैन्य कार्रवाई की धमकी देने वाले ट्रंप अब सुलह के संकेत देते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो से फोन पर बातचीत की और उन्हें व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण भी दिया है।
ट्रंप ने बुधवार रात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बताया कि राष्ट्रपति पेट्रो से बातचीत उनके लिए सम्मान की बात रही। उन्होंने कहा कि पेट्रो ने ड्रग तस्करी और दोनों देशों के बीच मौजूद मतभेदों पर स्थिति स्पष्ट की। ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने पेट्रो की कॉल और उनके लहजे की सराहना की और भविष्य में व्हाइट हाउस में मुलाकात को लेकर उत्सुकता जताई।
यह नरम रुख ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ ही दिन पहले ट्रंप ने कोलंबिया को लेकर बेहद आक्रामक बयान दिए थे। वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन के बाद ट्रंप ने कोलंबिया को “बहुत बीमार देश” बताया था और राष्ट्रपति पेट्रो पर कोकीन के उत्पादन और उसकी अमेरिका में सप्लाई को लेकर आरोप लगाए थे। यहां तक कि अमेरिका के संभावित हस्तक्षेप पर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा था कि उन्हें यह “ठीक” लगता है।
अमेरिका की धमकी के बाद कोलंबिया में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। हजारों लोग सड़कों पर उतर आए थे। इसी बीच राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने बताया कि उनकी ट्रंप से करीब एक घंटे तक फोन पर बातचीत हुई। बोगोटा में लोगों को संबोधित करते हुए पेट्रो ने कहा कि चर्चा का केंद्र वेनेजुएला और ड्रग तस्करी जैसे मुद्दे रहे।
पेट्रो ने यह भी आरोप लगाया कि कोलंबिया के कुछ नेता, जिन पर कथित तौर पर नार्को-तस्करी से जुड़े होने के आरोप हैं, उन्होंने ट्रंप को गुमराह किया और उनके रिकॉर्ड को गलत तरीके से पेश किया। उन्होंने कहा कि यही लोग दोनों देशों के बीच पैदा हुए संकट के जिम्मेदार हैं।
ट्रंप का यह बदला हुआ रुख इसलिए भी चौंकाने वाला माना जा रहा है, क्योंकि हाल ही में पेट्रो ने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई को लैटिन अमेरिका की संप्रभुता का “घिनौना उल्लंघन” करार दिया था और इसे गुलाम बनाने वाली ताकतों की कार्रवाई बताया था।
कोलंबिया लंबे समय से लैटिन अमेरिका में अमेरिका का अहम सहयोगी रहा है और ड्रग तस्करी के खिलाफ अमेरिकी रणनीति का प्रमुख हिस्सा माना जाता है। पिछले तीन दशकों से दोनों देश मिलकर कोकीन तस्करी, विद्रोही संगठनों और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर काम करते आए हैं। इसके बावजूद बीते कुछ महीनों में रिश्तों में खटास बढ़ी है।
अक्टूबर में ट्रंप प्रशासन ने पेट्रो, उनके परिवार और सरकार के एक सदस्य पर वैश्विक ड्रग व्यापार में शामिल होने के आरोप लगाते हुए प्रतिबंध लगाए थे। सितंबर में अमेरिका ने करीब 30 साल बाद पहली बार कोलंबिया को ड्रग युद्ध में सहयोग न करने वाले देशों की सूची में डाल दिया, जिससे अमेरिकी सहायता में भारी कटौती हुई।
अब ट्रंप और पेट्रो के बीच बातचीत और व्हाइट हाउस का निमंत्रण यह संकेत दे रहा है कि दोनों देश तनाव कम करने और रिश्तों को नए सिरे से पटरी पर लाने की कोशिश कर सकते हैं।













