05 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Health Desk: देश के कई हिस्सों में तापमान तेजी से गिर रहा है, जिसका सीधा असर नवजात शिशुओं की सेहत पर पड़ सकता है। कड़ाके की ठंड जहां बड़ों के लिए परेशानी का कारण बनती है, वहीं नवजात बच्चों के लिए यह कहीं ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है। नवजात शिशुओं की इम्यूनिटी कमजोर होती है और वे अपनी परेशानी शब्दों में नहीं बता पाते, इसलिए उनके व्यवहार और शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है।
अगर समय रहते ठंड लगने के शुरुआती लक्षण पहचान लिए जाएं, तो किसी बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है। ऐसे में माता-पिता और देखभाल करने वालों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होती है। आइए जानते हैं कि नवजात शिशु में ठंड लगने के कौन से लक्षण दिखाई देते हैं और सर्दियों में उनकी सही देखभाल कैसे की जाए।
नवजात शिशु में ठंड लगने के लक्षण
एम्स दिल्ली के पीडियाट्रिक विभाग के डॉ. हिमांशु भदानी के अनुसार, नवजात शिशु में ठंड लगने पर कई संकेत दिखाई दे सकते हैं। बच्चे के हाथ-पैर असामान्य रूप से ठंडे हो जाना, त्वचा का पीला या नीला पड़ना और शरीर का तापमान सामान्य से कम होना इसके प्रमुख लक्षण हैं।
इसके अलावा शिशु का जरूरत से ज्यादा सुस्त रहना, दूध ठीक से न पीना, रोने में कमजोरी महसूस होना या सांस तेज चलना भी चिंता का संकेत हो सकता है। कुछ मामलों में बार-बार छींक आना या नाक बंद रहना भी देखा जाता है। अगर इनमें से कोई भी लक्षण नजर आए, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है, क्योंकि समय पर इलाज न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
ठंड के मौसम में नवजात शिशु की देखभाल कैसे करें
सर्दियों में नवजात शिशु की सही देखभाल उनकी सेहत के लिए बेहद अहम होती है। बच्चे को गर्म कपड़ों में रखें, लेकिन जरूरत से ज्यादा कपड़े पहनाने से बचें। कमरे का तापमान संतुलित रखें और ठंडी हवा या सीधे पंखे से शिशु को दूर रखें।
मां का दूध शिशु के लिए सबसे सुरक्षित और पोषण से भरपूर होता है, इसलिए नियमित रूप से ब्रेस्टफीडिंग कराएं। नहलाने के बाद बच्चे को तुरंत अच्छी तरह सुखाकर गर्म कपड़े पहनाएं। रात के समय हल्के लेकिन गर्म कंबल का उपयोग करें। हल्की धूप में कुछ देर शिशु को बैठाना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन तेज ठंड और हवा से बचाव जरूरी है।
जरूरी सावधानियां
– शिशु को ठंडी हवा और सीधे पंखे से दूर रखें।
– हाथ-पैर और शरीर का तापमान समय-समय पर जांचते रहें।
– भीड़भाड़ वाली जगहों पर नवजात को ले जाने से बचें।
– किसी भी लक्षण पर खुद से इलाज न करें।
– डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें।
थोड़ी सी सावधानी और समय पर डॉक्टर से सलाह लेकर सर्दियों में नवजात शिशु को सुरक्षित और स्वस्थ रखा जा सकता है।













