23 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: सोने की कीमतें भले ही अपने ऊपरी स्तरों पर पहुंच चुकी हों, लेकिन कमाई के मामले में दिवाली के बाद चांदी ने निवेशकों को चौंका दिया है। देश के वायदा बाजार में जहां सोने ने दिवाली से 22 दिसंबर तक करीब 5 फीसदी का रिटर्न दिया, वहीं चांदी ने इसी अवधि में करीब 35 फीसदी तक की जबरदस्त बढ़त दर्ज की है। यही वजह है कि निवेश के लिहाज से फिलहाल चांदी ने गोल्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।
जानकारों के मुताबिक, चांदी की कीमतों में तेज उछाल की बड़ी वजह इंडस्ट्रियल डिमांड में मजबूती, सप्लाई की कमी और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी है। बीते कुछ महीनों में चांदी में निवेश मांग तेजी से बढ़ी है, जिसका सीधा असर कीमतों पर दिख रहा है। मंगलवार, 23 दिसंबर को भी सोने और चांदी—दोनों की कीमतों में तेजी जारी रही और दाम एक बार फिर नए पीक के करीब पहुंच गए।
सोने में सीमित बढ़त
दिवाली (20 अक्टूबर) के बाद से सोने की कीमतों में करीब 5 फीसदी का इजाफा हुआ है। दिवाली के दिन बाजार बंद होने पर सोना 1,30,624 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 22 दिसंबर को बढ़कर 1,36,744 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। यानी इस दौरान सोने के दाम में करीब 6,120 रुपये (लगभग 4.68 फीसदी) की तेजी आई।
23 दिसंबर की सुबह भी सोना मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा और वायदा बाजार में नए उच्च स्तर के करीब पहुंच गया।
चांदी ने तोड़े कमाई के रिकॉर्ड
चांदी ने इस दौरान निवेशकों को मालामाल कर दिया। 20 अक्टूबर को दिवाली के दिन चांदी 1,57,987 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो 22 दिसंबर तक बढ़कर 2,12,872 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। यानी करीब 54,885 रुपये की बढ़त—लगभग 34.74 फीसदी का शानदार रिटर्न। महज करीब 60 दिनों में चांदी ने कमाई के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
23 दिसंबर को भी चांदी में जोरदार तेजी देखने को मिली और वायदा बाजार में यह 2.16 लाख रुपये प्रति किलो के करीब पहुंच गई।
क्या 2.50 लाख रुपये तक पहुंचेगी चांदी?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर मौजूदा रफ्तार बनी रही तो मार्च 2026 के अंत तक चांदी 2.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है। मौजूदा स्तर से वहां तक पहुंचने के लिए करीब 16 फीसदी और तेजी की जरूरत है। कुछ जानकारों का यह भी कहना है कि अगर तेजी जारी रही, तो जनवरी के पहले हफ्ते में ही चांदी नया बड़ा रिकॉर्ड बना सकती है।
वेल्थ मैनेजमेंट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार, चांदी की इंडस्ट्रियल और निवेश—दोनों तरह की मांग मजबूत है, जबकि सप्लाई सीमित बनी हुई है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में चांदी की कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है।













