13 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: दिल्ली ब्लास्ट: वर्दी में फौलाद निकले डॉक्टर संदीप, जिनकी सूझबूझ से बचा देश बड़ा हादसा लाल किले के पास हुए धमाके के बाद जांच में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब पता चला है कि गिरफ्तार आतंकी डॉक्टर सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि देश के कई शहरों में हमले की साजिश रच रहे थे। इस बड़े मॉड्यूल को नाकाम करने में श्रीनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. जीवी संदीप चक्रवर्ती की सूझबूझ ने अहम भूमिका निभाई।
दरअसल, 17 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में उर्दू में लिखे जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर लगाए गए थे। इन पर कमांडर हंजला भाई के हस्ताक्षर थे। पहली नजर में ये पोस्टर सामान्य लगे, लेकिन डॉ. संदीप ने इसमें छिपे खतरे को तुरंत भांप लिया। उन्होंने जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर तीन संदिग्धों की पहचान की, जो पहले भी पत्थरबाजी में शामिल थे। इसके बाद जांच जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैले एक बड़े नेटवर्क तक पहुंची।
जांच में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कई कश्मीरी डॉक्टरों और उनके साथियों की गिरफ्तारी हुई। पुलिस ने 2900 किलो से ज्यादा विस्फोटक, बम बनाने की सामग्री और राइफलें बरामद कीं। अधिकारियों के मुताबिक, अगर यह साजिश सफल हो जाती तो देशभर में बड़ा धमाका हो सकता था।
डॉ. संदीप चक्रवर्ती का जन्म आंध्र प्रदेश के कुरनूल में हुआ। उन्होंने कुरनूल मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया और 2014 में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शामिल हुए। वर्तमान में वह श्रीनगर के एसएसपी हैं। कश्मीर में तैनाती के दौरान उन्होंने कई आतंकवादी मॉड्यूल को ध्वस्त किया है।
उनकी नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक दृष्टिकोण ने कई आतंकी हमलों को नाकाम किया है। ‘छोटी धमकी में बड़ा संदेश’ की सोच रखने वाले संदीप ने जैश के पोस्टरों को सुराग बनाया और पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।
उनके नेतृत्व में श्रीनगर, फरीदाबाद और उत्तर प्रदेश में ‘व्हाइट कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ। कश्मीरी डॉक्टर मुजम्मिल, अदील अहमद और शाहीन सईद की गिरफ्तारी इसी ऑपरेशन का हिस्सा थी।
डॉ. जीवी संदीप को अब तक छह बार राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक और चार बार जम्मू-कश्मीर पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी तत्परता और हिम्मत ने देश को एक बड़े आतंकी हमले से बचा लिया।













