फिरोजपुर, 12 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Punjab Desk: पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पी.ए.यू.), लुधियाना के कृषि विज्ञान केंद्र (के.वी.के.), फिरोजपुर में जिला स्तरीय ‘पराली प्रबंधन जागरूकता कैंप’ का सफल आयोजन किया गया। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य किसानों को फसल की पराली जलाने के बजाय इसके सही प्रबंधन के लिए उपलब्ध तकनीकों के साथ-साथ खाद प्रबंधन, मिट्टी प्रबंधन, कीट और रोग पहचान एवं समाधान के बारे में जागरूक करना था।
डॉ. गुरमेल सिंह संधू, उप निदेशक (प्रशिक्षण), के.वी.के., फिरोजपुर ने किसानों का स्वागत करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र की गतिविधियों के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने किसानों को केंद्र द्वारा आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेकर रोजगार के अवसर पैदा करने और आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसान पराली प्रबंधन के लिए काफी प्रयास कर रहे हैं और इस तरह के कार्यक्रम नए जुड़ रहे किसानों में और उत्साह भरते हैं।
कैंप में कृषि विज्ञान केंद्र, श्री मुक्तसर साहिब से आए डॉ. विवेक कुमार (सहायक प्रोफेसर) ने किसानों को हैपी सीडर, सुपर सीडर, मल्चर और अन्य आधुनिक कृषि मशीनरी का उपयोग करके पराली को जमीन में मिलाने के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि इस प्रकार पराली प्रबंधन से न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहता है, बल्कि मिट्टी की सेहत और उर्वरता भी बढ़ती है। डॉ. विवेक ने पराली जलाने से होने वाले धुएं के मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभावों पर भी गंभीर चर्चा की और किसानों को इससे बचने की सलाह दी।
डॉ. सिमरजीत कौर (सहायक प्रोफेसर, पौध सुरक्षा) ने पराली प्रबंधन के दौरान आने वाले कीट और रोगों की पहचान और उनके समाधान के बारे में किसानों को विस्तार से जानकारी दी।
डॉ. भल्लण सिंह सेखों (सहायक प्रोफेसर, सब्जी विज्ञान) ने किसानों को सर्दियों में सब्जियों की खेती के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जबकि डॉ. दिव्या जैन (सहायक प्रोफेसर, गृह विज्ञान) ने स्वास्थ्य और घरेलू प्रबंधन से संबंधित जानकारी साझा की।
कैंप में जिले के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में किसानों और किसान महिलाओं ने भाग लिया। साथ ही, पराली का सफल प्रबंधन कर रहे अग्रणी किसानों ने अपने अनुभव भी साझा किए।
इस कार्यक्रम के माध्यम से किसानों में पराली प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और कृषि तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।













