एनजीटी का आदेश: झूरीवाला ट्रांसफर-कम-ट्रांसिशन प्वाइंट पर कचरा जमा करने पर रोक

एनजीटी का आदेश: झूरीवाला ट्रांसफर-कम-ट्रांसिशन प्वाइंट पर कचरा जमा करने पर रोक

30 अक्टूबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk:  राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने नगर निगम पंचकूला को सख्त निर्देश दिए हैं कि झूरीवाला ट्रांसफर-कम-ट्रांसिशन प्वाइंट पर किसी भी स्थिति में कचरा जमा न होने दिया जाए और वहां लाया गया सारा कचरा प्रतिदिन साफ किया जाए। यह आदेश उस शिकायत पर आया है जिसमें झूरीवाला गांव की भूमि पर अवैज्ञानिक ढंग से कचरा फेंके जाने की बात कही गई थी। मामले की सुनवाई करते हुए एनजीटी की पीठ, जिसमें अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए. सेंथिल वेल शामिल थे, ने नगर निगम को झूरीवाला स्थल से कचरे की नियमित निकासी सुनिश्चित करने और अलीपुर में मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) के निर्माण कार्य को तेज़ी से पूरा करने के निर्देश दिए।

नगर निगम पहले ही सेक्टर-23 के पुराने डंपिंग ग्राउंड से कचरा हटाने की 31 अगस्त की समय सीमा से चूक चुका है। आवेदक की ओर से बताया गया कि हालांकि पुराना कचरा साफ कर दिया गया था, लेकिन अब निगम उसी स्थान को अस्थायी तौर पर दैनिक कचरा संग्रहण के लिए ट्रांसिशन प्वाइंट की तरह उपयोग कर रहा है, जहां कई बार कचरा तीन-चार दिनों तक पड़ा रहता है। इससे स्थानीय लोगों को दुर्गंध और अस्वास्थ्यकर माहौल का सामना करना पड़ता है।

निगम ने ट्रिब्यूनल को दी रिपोर्ट में बताया कि अलीपुर गांव में एमआरएफ का 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। एमआरएफ के पूरी तरह चालू होने के बाद झूरीवाला का अस्थायी ट्रांसफर प्वाइंट वहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा। निगम ने यह भी आश्वासन दिया कि तब तक झूरीवाला स्थल को साफ रखा जाएगा और वहां कचरा नहीं जमा होने दिया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, पूरे क्षेत्र में कचरे के जैविक उपचार की नई समय सीमा दिसंबर तय की गई है। 1.70 लाख टन पुराने कचरे की सफाई के लिए अप्रैल 2025 में 11.50 करोड़ रुपये की लागत से काम शुरू हुआ था। अब केवल कुछ टन कचरा बचा है, जिसे दिसंबर तक साफ कर दिया जाएगा। पिछले 15 वर्षों से जमा यह कचरा आसपास के लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बना हुआ था। नगर निगम फिलहाल कचरे के निपटान के लिए अंबाला स्थित प्रसंस्करण संयंत्र का उपयोग कर रहा है।