एडीसी डॉ. बेदी ने विद्यार्थियों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में किया जागरूक

सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल गहलड़ी (कन्या) में विद्यार्थियों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

कार्यालय जिला जन संपर्क अधिकारी, गुरदासपुर।                                                                            सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल गहलड़ी (कन्या) में विद्यार्थियों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

गुरदासपुर,  08 अक्टूबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Punjab Desk:  डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह के नेतृत्व में जिले में पराली जलाने से होने वाले नुकसान के संबंध में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर गुरदासपुर डॉ. हरजिंदर सिंह बेदी ने सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल गहलड़ी (कन्या) में पहुंचकर विद्यार्थियों को पराली जलाने से होने वाले नुकसानों के बारे में जागरूक किया।

एडीसी डॉ. बेदी ने विद्यार्थियों को समझाते हुए कहा कि पराली को खेतों में आग नहीं लगानी चाहिए, बल्कि इसे खेतों में ही मिलाकर अगली फसल (गेहूं) की बुवाई करनी चाहिए। इससे खेतों की उर्वरक शक्ति बढ़ती है और पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है।

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि सभी बच्चे यह संकल्प लें कि न तो वे स्वयं पराली जलाएंगे और न ही किसी को जलाने देंगे। साथ ही, इस संदेश को अपने परिवार, रिश्तेदारों और आस-पड़ोस में फैलाएं ताकि सभी लोग इस बुराई से दूर रहें।

डॉ. बेदी ने आगे कहा कि धान की पराली जलाने से वातावरण बुरी तरह प्रदूषित होता है, जिससे बीमारियां बढ़ती हैं और बच्चों तथा बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है। उन्होंने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा पराली जलाने पर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं और फसलों के अवशेषों को आग लगाने पर रोक लगाई गई है।

उन्होंने कहा कि फसलों के अवशेषों को जलाना किसी भी तरह से लाभदायक नहीं है। इससे जहां पर्यावरण प्रदूषित होता है, वहीं जमीन की उपजाऊ क्षमता भी नष्ट हो जाती है।