21 जून 2025 फैक्टर रिकॉर्डर
Rashifal Desk: 21 जून 2025 का पंचांग: योगिनी एकादशी व्रत, शुभ मुहूर्त, ग्रह स्थिति और विशेष उपाय 21 जून का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज योगिनी एकादशी का व्रत है, साथ ही अतिखण्ड योग और अश्विनी नक्षत्र का प्रभाव भी बना हुआ है। इस दिन के शुभ समय, राहुकाल, ग्रह स्थिति और जरूरी उपायों की जानकारी इस प्रकार है:
आज की तिथि और वार
तिथि: दशमी (20 जून 2025 सुबह 9:49 से 21 जून 2025 सुबह 7:18 तक)
वार: शनिवार
नक्षत्र: अश्विनी
योग: अतिखण्ड
सूर्योदय: सुबह 5:23 बजे
सूर्यास्त: शाम 8:46 बजे
चंद्र राशि: मेष
चंद्र उदय: प्रातः 2:08
चंद्र अस्त: दोपहर 3:03
राहुकाल और अशुभ समय
राहुकाल: सुबह 8:53 से 10:38 बजे तक (इस समय शुभ कार्य न करें)
यमगण्ड काल: दोपहर 2:08 से 3:53 बजे तक
विडाल योग: सुबह 5:24 से रात 9:45 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 5:24 से 7:08 बजे तक
भद्रा काल: सुबह 5:24 से 7:18 बजे तक
शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व
योगिनी एकादशी के दिन विष्णु जी की विधि-विधान से पूजा करना अत्यंत फलदायी होता है। रात्रि जागरण करना इस व्रत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। साथ ही, पितरों का तर्पण करने का भी विधान है, जिससे पूर्वजों की आत्मा तृप्त रहती है और जीवन में सुख-शांति आती है।
ग्रहों की स्थिति
सूर्य – मिथुन
चंद्रमा – मेष
मंगल – सिंह
बुध – कर्क
गुरु – मिथुन
शुक्र – मेष
शनि – मीन
राहु – कुंभ
केतु – सिंह
योगिनी एकादशी का विशेष महत्व
पुराणों के अनुसार, इस व्रत को करने से व्यक्ति को 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर पुण्य मिलता है। यह व्रत अत्यंत प्रभावशाली और बड़ा माना गया है।
क्या करें
तुलसी के पौधे में जल डालकर चुनरी अर्पित करें, जिससे मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है।
ब्राह्मणों को अन्न, वस्त्र या धन में से कुछ दान करें।
क्या न करें
एकादशी के दिन चावल का सेवन न करें।
किसी का दिल दुखाने से बचें।
देर तक सोना या तुलसी का पत्ता तोड़ना वर्जित है।
यह दिन धार्मिक आस्था और पूजा-पाठ के लिए बेहद शुभ माना जाता है, इसलिए योगिनी एकादशी के व्रत और अनुष्ठान जरूर करें और इसके पुण्य का लाभ उठाएं।













