10 जून 2025 फैक्टर रिकॉर्डर
National Desk: होलंबी कलां में बनेगा देश का पहला ई-कचरा ईको पार्क, सालाना 51 हजार टन ई-कचरे का होगा निपटान दिल्ली के होलंबी कलां में देश का पहला ई-कचरा ईको पार्क तैयार किया जाएगा। 11.4 एकड़ क्षेत्र में बनने वाला यह पार्क न केवल राजधानी के पर्यावरणीय बोझ को कम करेगा,बल्कि हजारों लोगों के लिए रोज़गार का नया ज़रिया भी बनेगा।
उद्योग मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने दी जानकारी
उद्योग मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि इस पार्क में हर साल 51,000 टन ई-कचरे का निपटान किया जाएगा। इसे 106 अलग-अलग श्रेणियों में संसाधित किया जाएगा, जिससे करीब 350 करोड़ रुपये की आय की संभावना है। यह परियोजना नरेला सब डिवीजन में लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से 18 महीनों में पूरी होगी और इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (DSIIDC) करेगी क्रियान्वयन
डीएसआईआईडीसी ने परियोजना के लिए निविदा जारी करने का निर्णय लिया है। यह ईको पार्क अगले पांच वर्षों में दिल्ली के 25% ई-कचरे का निपटान करेगा। भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ई-कचरा उत्पादक देश है, हर साल 16 लाख टन से अधिक ई-कचरा उत्पन्न करता है। इसमें से करीब 9.5% दिल्ली में पैदा होता है।
रीसाइक्लिंग, मरम्मत और सेकंड-हैंड इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार की शुरुआत
मंत्री सिरसा ने बताया कि इस पार्क में ई-कचरे की रीसाइक्लिंग, पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान की मरम्मत, प्लास्टिक की पुनर्प्राप्ति और सेकंड-हैंड इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार की स्थापना की जाएगी। इस परियोजना में असंगठित क्षेत्र के कामगारों को प्रशिक्षण देकर उन्हें काम में शामिल किया जाएगा।
“कचरे को संपदा में बदलेंगे” – उद्योग मंत्री
मंजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “यह सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि दिल्ली के उज्जवल और स्वच्छ भविष्य की नींव है। हम कचरे को संपदा में बदलेंगे और इससे न केवल पर्यावरणीय सुधार होगा, बल्कि आर्थिक और सामाजिक आत्मनिर्भरता को भी बल मिलेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में अब कचरे को लापरवाही से फेंकने का समय खत्म हो गया है। यह ईको पार्क राजधानी को पर्यावरणीय रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।













