साइबर ठगी मामले में पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया।
रोहतक साइबर थाना पुलिस टीम ने प्रीपेड टास्क के नाम पर 17 लाख 40 हजार रुपए की ठगी करने के मामले में गिरोह में शामिल रहे तीन आरोपियों को काबू किया। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 3 दिन की रिमांड पर लिया गया। पुलिस मामले में गहनता से जांच कर रही है।
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प्रभारी थाना साइबर निरीक्षक कुलदीप सिंह ने बताया कि विशाल नगर रोहतक निवासी रोहित की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। प्राथमिक जांच में सामने आया कि 15 जनवरी को रोहित की टेलीग्राम आईडी पर घर बैठे रुपए कमाने का मैसेज आया। रोहित ने उनके डिटेल मांगने पर अपनी पत्नी के बैंक की डिटेल भेज दी। जिसके बाद रोहित को इंस्टाग्राम पर पोस्ट लाइक करने का टास्क दिया गया।
कमीशन के तौर पर मिले 150 रुपए कुलदीप सिंह ने बताया कि पीड़ित रोहित को कमीशन के तौर पर 150 रुपए भेजे गए। रोहित को टेलीग्राम पर लिंक भेजकर ग्रुप में जोड़ दिया, जिसके बाद रोहित को प्रीपेड टास्क करने को कहा। रोहित उनके कहे अनुसार ऑर्डर करता गया। रोहित ने शुरू में 5 हजार, 15 हजार, 50 हजार के ऑर्डर के अनुसार उनके द्वारा दिए गए खाते में रुपए ट्रांसफर कर दिए। जिसके बाद उसे वॉलेट में मुनाफा दिखने लगा।

साइबर ठगी मामले में पकड़े गए आरोपी। (प्रतीकात्मक)
10 लाख रुपए कर दिए ट्रांसफर एसएचओ कुलदीप ने बताया कि रोहित ने आरोपियों के कहने पर 10 लाख रुपए लगा दिए। रोहित के वॉलेट में 15 लाख रुपए दिखने लगे। रोहित ने पैसे निकालने की कोशिश तो आरोपियों ने कहा कि 8 हजार रुपए और डालने पड़ेंगे। जिसके बाद आरोपियों ने कहा कि रोहित ने गलती कर दी जिसके लिए 7 लाख 40 हजार रुपए और जमा करवाने होंगे।
पैसे नहीं निकले तो ठगी का हुआ खुलासा कुलदीप सिंह ने बताया कि पीड़ित रोहित ने आरोपियों के कहे अनुसार 7 लाख 40 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद रोहित को कहा कि साइट ब्लॉक हो गई। रोहित के वॉलेट में प्रॉफिट के साथ कुल 25,67,500 रुपए दिखा रहा था। रोहित के पता करने पर सामने आया कि प्रीपेड टास्क के नाम पर रोहित के साथ धोखाधड़ी हुई है।
साइबर क्राइम पुलिस ने पकड़े 3 आरोपी मामले की जांच कर रहे पीएसआई प्रतीक ने आरोपी विश्वेंद्रा उर्फ विशु निवासी भरतपुर राजस्थान, नितेश निवासी राजस्थान व सतबीर उर्फ सोनू निवासी भिलवाडा राजस्थान को गिरफ्तार किया। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 3 दिन के रिमांड पर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी नितेश खाता होल्डर है। नितेश ने अपने 3 बैंक खाता विश्वेंद्रा व सतबीर को दे रखे थे। आरोपियों से गहनता से पूछताछ की जा रही है।












