31 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: साल 2025 सर्राफा बाजार के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। इस वर्ष सोने और चांदी ने ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिन्होंने निवेशकों को बंपर रिटर्न दिया और पारंपरिक निवेश विकल्पों को पीछे छोड़ दिया। 24 दिसंबर 2025 को बाजार बंद होने तक सोना ₹1.39 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2.32 लाख प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
साल की शुरुआत में जहां वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं ने निवेशकों को सतर्क कर दिया था, वहीं साल के अंत तक वही अनिश्चितताएं सोने-चांदी के लिए सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरीं। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और डॉलर में कमजोरी ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ा। इसका सबसे बड़ा फायदा हार्ड एसेट्स, खासतौर पर सोने और चांदी को मिला।
भारतीय सर्राफा बाजार में अगर 1 जनवरी 2024 की कीमतों की तुलना 24 दिसंबर 2025 से की जाए, तो चांदी में प्रति किलो करीब ₹1.39 लाख की बढ़त दर्ज की गई, जबकि सोने ने प्रति 10 ग्राम ₹63 हजार से ज्यादा का मुनाफा दिया। यह रिटर्न एफडी और बॉन्ड जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों से कई गुना अधिक रहा।
वैश्विक बाजार में भी तेजी का असर साफ दिखा। 2025 के अंत तक कॉमेक्स पर सोना 4,480 डॉलर प्रति औंस और चांदी 71.85 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। यह उछाल 1979 के बाद का सबसे बड़ा वार्षिक लाभ माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, 2025 में चांदी की कीमतों को औद्योगिक मांग से बड़ा सहारा मिला। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में उपयोग बढ़ने के कारण चांदी को ‘ग्रीन मेटल’ के रूप में नई पहचान मिली। वहीं, चीन, रूस और ब्रिक्स देशों के केंद्रीय बैंकों ने डॉलर पर निर्भरता घटाने के लिए सोने की रिकॉर्ड खरीदारी की।
2026 को लेकर भी बाजार विशेषज्ञों का नजरिया सकारात्मक बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर मौजूदा वैश्विक परिस्थितियां बनी रहती हैं, तो अगले साल सोना 4,900 से 5,000 डॉलर प्रति औंस और चांदी 85 से 90 डॉलर प्रति औंस (लगभग ₹2.50 लाख प्रति किलो) तक पहुंच सकती है।
कुल मिलाकर, 2025 ने यह साफ कर दिया कि अनिश्चितताओं के दौर में सोना और चांदी निवेशकों की पहली पसंद बने रहते हैं, और आने वाले समय में भी इनकी चमक बरकरार रह सकती है।













