25 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: लगातार बारिश से पर्वतीय मार्गों पर मुश्किलें और बढ़ गई हैं। यमुनोत्री हाईवे पिछले चार दिनों से बंद पड़ा है, जबकि गंगोत्री हाईवे भी नलूणा के पास भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गया है। यमुनोत्री मार्ग पर जगह-जगह सड़क धंसने और भारी मलबा-बोल्डर गिरने से वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हो पा रही। लोक निर्माण विभाग के ईई मनोज रावत के अनुसार लगातार कटाव और चट्टानों के गिरने से दिक्कतें बढ़ रही हैं, फिर भी मार्ग खोलने के प्रयास जारी हैं।
इधर, स्याना चट्टी में यमुना नदी पर बनी झील की समस्या भी लोगों की चिंता बढ़ा रही है। नदी भले ही एक किनारे से बह रही है, लेकिन कुपड़ा खड्ड और अन्य नालों से आए मलबे के कारण नदी का तल ऊंचा हो गया है, जिससे खतरा बना हुआ है। सिंचाई विभाग के ईई पन्नी लाल ने बताया कि नदी के मुहाने पर मलबा जमा होने से निकासी प्रभावित हो रही है। मशीनरी तैनात कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं गंगोत्री हाईवे पर लगातार भूस्खलन से रास्ता खोलने में समय लग रहा है। प्रशासन और विभागीय टीमें दोनों मार्गों को जल्द बहाल करने के लिए दिन-रात जुटी हुई हैं।
लगातार बारिश से पर्वतीय मार्गों पर मुश्किलें और बढ़ गई हैं। यमुनोत्री हाईवे पिछले चार दिनों से बंद पड़ा है, जबकि गंगोत्री हाईवे भी नलूणा के पास भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गया है। यमुनोत्री मार्ग पर जगह-जगह सड़क धंसने और भारी मलबा-बोल्डर गिरने से वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हो पा रही। लोक निर्माण विभाग के ईई मनोज रावत के अनुसार लगातार कटाव और चट्टानों के गिरने से दिक्कतें बढ़ रही हैं, फिर भी मार्ग खोलने के प्रयास जारी हैं।
इधर, स्याना चट्टी में यमुना नदी पर बनी झील की समस्या भी लोगों की चिंता बढ़ा रही है। नदी भले ही एक किनारे से बह रही है, लेकिन कुपड़ा खड्ड और अन्य नालों से आए मलबे के कारण नदी का तल ऊंचा हो गया है, जिससे खतरा बना हुआ है। सिंचाई विभाग के ईई पन्नी लाल ने बताया कि नदी के मुहाने पर मलबा जमा होने से निकासी प्रभावित हो रही है। मशीनरी तैनात कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं गंगोत्री हाईवे पर लगातार भूस्खलन से रास्ता खोलने में समय लग रहा है। प्रशासन और विभागीय टीमें दोनों मार्गों को जल्द बहाल करने के लिए दिन-रात जुटी हुई हैं।











