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यमुनानगर में सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपते हुए आशा वर्कर।
यमुनानगर जिले में आशा वर्कर्स एंड फेसिलिटेटर फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के बैनर तले सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं ने जिला लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने जिला उपायुक्त के माध्यम से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपा।
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आशा कार्यकर्ताओं को मिले वर्कर का दर्जा
आशा वर्कर जिला सचिव राजेश कुमारी ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में एनएचएम को स्थायी स्वास्थ्य कार्यक्रम बनाना शामिल है। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं को वर्कर का दर्जा दिया जाए। उन्होंने मांग की, कि पूरे देश में एक समान कार्य परिस्थितियां लागू की जाएं। कार्यकर्ताओं की अन्य मांगों में 6 माह का सवेतन मातृत्व अवकाश और 20 दिन का आकस्मिक अवकाश शामिल है।
स्कूटी और यात्रा खर्च की सुविधा भी मांगी
वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति, स्कूटी और यात्रा खर्च की सुविधा भी मांगी गई है। डिजिटल कार्यों के लिए टैबलेट और डेटा पैक की मांग की गई है। आशा कार्यकर्ताओं ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण का विरोध किया। उन्होंने मांग की कि सरकारी स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जाए। साथ ही आशा वर्कर्स को पक्का कर्मचारी बनाया जाए और उन्हें श्रम कानून के दायरे में शामिल किया जाए।












