हरियाणा में यमुना उफान पर, खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा जलस्तर; बारिश के बाद येलो अलर्ट, दिल्ली में भी असर

हरियाणा में यमुना उफान पर, खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा जलस्तर; बारिश के बाद येलो अलर्ट, दिल्ली में भी असर

27 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Haryana Desk: हरियाणा और दिल्ली में मानसून का असर तेज हो गया है। कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर और पानीपत में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित है। कैथल के निचले क्षेत्रों में जलभराव हो गया है, जबकि कलायत में तीसरे दिन भी लगातार बारिश से हालात बिगड़े हुए हैं। कपिल मुनि रोड पर पानी भरने से बाजार बंद रहे और कई सरकारी कार्यालयों व स्कूलों में पानी घुस गया।

पश्चिमी विक्षोभ के असर से मंगलवार को प्रदेश के मैदानी इलाकों में 7.7 से 25.5 मिमी तक बारिश दर्ज की गई। इससे घग्गर, यमुना, मारकंडा और टांगरी नदियों का जलस्तर बढ़ा है। गुहला-चीका में घग्गर नदी का जलस्तर दो फीट बढ़कर 16 फीट पर पहुंच गया है। हालांकि यह अभी खतरे के निशान 23 फीट से नीचे है, लेकिन प्रशासन ने एहतियातन हजारों रेत के बैग जमा किए हैं। टटियाना में घग्गर में 14,630 क्यूसेक पानी बह रहा है।

यमुना में हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए 69,291 क्यूसेक पानी के कारण दिल्ली में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, यमुना का जलस्तर पुराने रेलवे पुल पर चेतावनी स्तर 204.50 मीटर को पार कर 204.58 मीटर तक पहुंच चुका है, जबकि खतरे का निशान 205.33 मीटर है। अनुमान है कि अगले 72 घंटों में पानी दिल्ली पहुंचेगा। इसको देखते हुए दिल्ली सरकार ने 34 नावें तैनात की हैं और प्रभावित क्षेत्रों में लाउडस्पीकरों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी है।

पानीपत में यमुना का जलस्तर 229.30 मीटर पर है, जो चेतावनी बिंदु 231 मीटर से नीचे है। बुधवार दोपहर तक छोड़ा गया पानी यहां पहुंचने की संभावना है। अंबाला में मारकंडा में 10,000 क्यूसेक और टांगरी में 2,000 क्यूसेक पानी बह रहा है, जबकि कुरुक्षेत्र में भी जलस्तर सामान्य है। पिहोवा में 45 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सबसे अधिक है।

बारिश से किसानों को धान की फसल में लाभ मिल रहा है, लेकिन तेज हवाओं से नुकसान का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज कर दिए हैं।

दिल्ली में यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पूर्वी और उत्तर-पूर्वी जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। यदि जलस्तर 206 मीटर से ऊपर पहुंचता है, तो निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाएगा।

मौसम विभाग ने यमुनानगर और अंबाला में बुधवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। हरियाणा में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। दिल्ली में 21 से 25 अगस्त तक बारिश का पूर्वानुमान है, जिससे यमुना का जलस्तर और बढ़ सकता है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।