चंडीगढ़, 4 फरवरी 2026 Fact Recorder
Haryana Desk: हरियाणा सरकार ने श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए एक अहम और जनहितकारी फैसला लिया है। अब श्रमिकों और उनके परिवारों को शिक्षा, शादी, इलाज, खेल और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सरकारी सहायता के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार ने हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड की 29 सेवाओं को सेवा का अधिकार अधिनियम (RTS) के तहत शामिल कर दिया है, जिससे तय समयसीमा में लाभ देना अनिवार्य हो गया है।
सरकार ने इस फैसले के साथ जवाबदेही भी स्पष्ट कर दी है। यदि निर्धारित अवधि में सहायता या सेवा नहीं दी जाती है, तो श्रम कल्याण अधिकारी से लेकर श्रम आयुक्त तक संबंधित अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे।
श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई को मिलेगा मजबूत सहारा
नई व्यवस्था के तहत पहली से बारहवीं कक्षा तक पढ़ने वाले श्रमिकों के बच्चों को स्कूल यूनिफॉर्म, किताब-कॉपी, छात्रवृत्ति और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए आर्थिक सहायता 60 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा यूपीएससी, एचपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए भी समयबद्ध वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे श्रमिक परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
शादी, इलाज और खेल सुविधाओं के लिए भी तय समयसीमा
श्रमिकों के बेटा-बेटियों की शादी के लिए कन्यादान व शगुन योजना, महिलाओं की डिलीवरी, दांतों का इलाज, चश्मा, साइकिल, सिलाई मशीन, एलटीसी, कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र और दिव्यांगजनों के लिए तिपहिया वाहन जैसी सुविधाओं के लिए भी 60 दिनों के भीतर सहायता राशि जारी करना अनिवार्य होगा।
इसके साथ ही खेल और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले श्रमिकों और उनके बच्चों को भी समय पर आर्थिक मदद दी जाएगी।
मृत्यु की स्थिति में 15 दिन में सहायता
सरकार ने यह भी प्रावधान किया है कि किसी श्रमिक की मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को आर्थिक सहायता, मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ, दाह संस्कार सहायता और अन्य मृत्यु उपरांत सुविधाएं 15 दिनों के भीतर प्रदान की जाएंगी।
सरकार का कहना है कि इस निर्णय से श्रमिकों को सम्मानजनक जीवन, आर्थिक सुरक्षा और पारदर्शी सेवाएं मिलेंगी। साथ ही प्रशासन पर उनका भरोसा और मजबूत होगा। श्रमिक कल्याण की दिशा में यह फैसला एक बड़ा और प्रभावी कदम माना जा रहा है।













