Women’s adornment is connected to the nine planets | नवग्रहों से जुड़ा है महिलाओं का श्रंगार: बिंदी लगाने से बढ़ता है सूर्य का प्रभाव, पायल पहनने से शुक्र और काजल लगाने से शुभ फल देता है शनि

4 घंटे पहले

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भारतीय महिलाओं का श्रंगार नौ ग्रहों को साधता है। इनके श्रंगार की चीजें किसी न किसी ग्रह से प्रभावित होती है। जो ग्रहों के अशुभ असर को कम करती हैं। श्रंगार की इन चीजों से ग्रहों का शुभ फल भी बढ़ता है। ज्योतिष की मानें तो महिलाओं के श्रंगार से कहीं न कहीं परेशानियों से परिवार की रक्षा होती है। जिस घर में महिलाएं पूरे श्रंगार करती हैं, वहां लक्ष्मी का वास होता है। इससे परिवार में सुख और समृद्धि बढ़ती है।

अंतर्राष्ट्रीय वैदिक ज्योतिषी हेमंत कासट से जानते हैं किस तरह महिलाओं का श्रंगार नवग्रहों से जुड़ा है…

सूर्य: महिलाओं के आज्ञा चक्र यानी ललाट पर बिंदी लगाने से सूर्य का शुभ प्रभाव बढ़ता है। इसी कारण महिलाएं सभी से आत्मिक व्यवहार करती है और सूर्य के समान ही नियमित दिनचर्या अपनाती हैं।

चंद्रमा: नथ पर चंद्रमा का प्रभाव होता है। नथ पहनने से महिलाओं में करुणा बढ़ती है। इसके प्रभाव से महिलाएं परिवार वालों के मन का काम पूरा करती हैं।

मंगल: होठों को रंगना कोई महज आकर्षण नहीं होता। इससे महिलाएं सबका मंगल करने की कोशिश करती हैं। इससे ही महिलाएं अपनी पूरी ताकत से घर बनाती है।

बुध: महिलाएं हरी चूडिय़ां पहनती हैं तो बुध का शुभ प्रभाव बढ़ता है। इससे वे अपने परिवार का पूरे महीने का हिसाब बनाए रखती हैं।

गुरु: सोना पहनकर महिलाएं गुरु ग्रह को मजबूत बनाती हैं। इससे घर में मांगलिक काम पूजा-पाठ होता है। गुरु के प्रभाव से घर में समृद्धि बढ़ती है।

शुक्र: पायल पहनने से शुक्र का शुभ फल मिलता है। पायल की खनक से घर में खुशी बढ़ती है।

शनि: काजल शनि का कारक है। काजल लगाने से शनि शुभ फल देते हैं। इससे घर-परिवार पर बुरी नजर नहीं लगती। परिवार परेशानियों से बचा रहता है।

राहु: महिलाएं अपने बाल गूंथकर बांधती हैं तो इससे राहु का शुभ प्रभाव मिलता है। जिससे महिलाओं को अपने अहंकार को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

केतु: कानों के कुंडल से केतु का शुभ प्रभाव बढ़ता है। इसके प्रभाव से महिलाएं सबकी शिकायतें सुनकर खुद पर कंट्रोल रखती है और घर को जोड़े रखती है।