क्या जंक फूड के विज्ञापनों पर लगेगी रोक? आर्थिक सर्वे में मोटापे को लेकर बड़ी चेतावनी

30 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Business Desk:  आर्थिक सर्वेक्षण ने देश में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड (UPF) यानी जंक फूड की बढ़ती खपत और इससे बच्चों व युवाओं में बढ़ते मोटापे पर गंभीर चिंता जताई है। प्री-बजट दस्तावेज में कहा गया है कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते UPF बाजारों में शामिल हो चुका है, जिसका असर लंबे समय में जनस्वास्थ्य और सामाजिक असमानताओं पर पड़ सकता है।

बच्चों में तेजी से बढ़ रहा मोटापा

सर्वेक्षण के मुताबिक, पांच साल से कम उम्र के बच्चों में अधिक वजन की समस्या में लगातार इजाफा हुआ है। वर्ष 2015–16 में यह आंकड़ा 2.1 प्रतिशत था, जो 2019–21 में बढ़कर 3.4 प्रतिशत तक पहुंच गया। अनुमान है कि 2020 में करीब 3.3 करोड़ बच्चे मोटापे से प्रभावित थे, और यह संख्या 2035 तक 8.3 करोड़ तक पहुंच सकती है।

वयस्कों में भी बढ़ती चिंता

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के आंकड़ों का हवाला देते हुए आर्थिक सर्वेक्षण बताता है कि भारत में 24 प्रतिशत महिलाएं और 23 प्रतिशत पुरुष अधिक वजन या मोटापे की श्रेणी में हैं। 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग में महिलाओं में मोटापे की दर 6.4 प्रतिशत जबकि पुरुषों में 4 प्रतिशत दर्ज की गई है।

जंक फूड विज्ञापनों पर सख्ती की सिफारिश

जंक फूड की खपत पर लगाम लगाने के लिए आर्थिक सर्वेक्षण ने सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक सभी मीडिया प्लेटफॉर्म पर अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड के विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया है। खास तौर पर बच्चों को लक्षित विज्ञापनों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और मीठे पेय व डेयरी प्रोडक्ट्स के प्रचार पर सख्ती की बात कही गई है।

नीतिगत सुधार जरूरी

सर्वेक्षण का मानना है कि केवल लोगों के खानपान व्यवहार में बदलाव से समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके लिए खाद्य प्रणाली में व्यापक नीतिगत सुधार जरूरी हैं। इनमें हाई फैट, शुगर और नमक (HFSS) वाले खाद्य पदार्थों पर चेतावनी लेबल, फ्रंट-ऑफ-पैक न्यूट्रिशन लेबलिंग, जिम्मेदार मार्केटिंग और UPF उत्पादन के नियमन जैसे कदम शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय उदाहरण

आर्थिक सर्वेक्षण ने चिली, नॉर्वे और ब्रिटेन जैसे देशों का उदाहरण दिया है, जहां जंक फूड के विज्ञापनों पर कड़े प्रतिबंध लागू हैं। ब्रिटेन में बच्चों पर प्रभाव कम करने के उद्देश्य से रात 9 बजे से पहले जंक फूड विज्ञापनों पर रोक लगाई गई है।

तेजी से बढ़ता जंक फूड बाजार

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में UPF की बिक्री 2009 से 2023 के बीच 150 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है। 2006 में जहां इसका बाजार आकार सिर्फ 0.9 अरब डॉलर था, वहीं 2019 तक यह बढ़कर करीब 38 अरब डॉलर पहुंच गया। इसी दौरान पुरुषों और महिलाओं—दोनों में मोटापे की दर लगभग दोगुनी हो गई है।