21 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: असम के कोकराझार जिले में बोडो और आदिवासी समुदाय के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। हालात बिगड़ने के बाद उपद्रवियों ने वाहनों में आग लगा दी और कई घरों को जला दिया। तनाव को देखते हुए प्रशासन ने सेना और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की है, वहीं मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दी गई हैं।
पुलिस ने दंगे और हिंसा के आरोप में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। झड़प के दौरान दोनों समुदायों के लोगों ने करिगांव पुलिस चौकी पर अलग-अलग हमले किए, पुलिस और CRPF जवानों पर पत्थर फेंके, टायर जलाए और नेशनल हाईवे-27 को घंटों जाम रखा।
कोकराझार के एसएसपी अक्षत गर्ग के मुताबिक, स्थिति को काबू में करने के लिए सेना को बुलाया गया है और संवेदनशील इलाकों में उन्हें पैरामिलिट्री फोर्स के साथ तैनात किया गया है। अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। साथ ही सभाओं, रैलियों, धरना-प्रदर्शन, नारेबाजी और धारदार हथियार रखने पर भी रोक लगा दी गई है।
कैसे शुरू हुई हिंसा?
हिंसा की शुरुआत उस वक्त हुई जब आदिवासी समुदाय के कुछ लोगों ने गौरी नगर–मशिंग रोड पर करिगांव के पास एक कार को रोकने की कोशिश की। इसी दौरान कार से दो आदिवासी युवकों को टक्कर लग गई, जिससे गाड़ी सड़क से फिसल गई। कार में बोडो समुदाय के सिखना ज्वालाओ बिस्मित उर्फ राजा, प्रभात ब्रह्मा और जुबीराज ब्रह्मा सवार थे, जो औडांग इलाके में साइट निरीक्षण के बाद लौट रहे थे। आरोप है कि गुस्साए आदिवासियों ने तीनों को कार से बाहर निकालकर पीटना शुरू कर दिया।
इस घटना में स्थानीय ठेकेदार मोरंडा बसुमतारी के दामाद राजा की मौत हो गई। वहीं प्रभात ब्रह्मा और जुबीराज ब्रह्मा, साथ ही कार की टक्कर से घायल आदिवासी युवक सुनील मुर्मू और महेश मुर्मू का कोकराझार मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, प्रभात ब्रह्मा की हालत गंभीर बनी हुई है।
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की अपील
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, जो इस समय वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक के लिए दावोस में हैं, ने बयान जारी कर कहा कि वह हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और जिला व राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क में हैं। उन्होंने बताया कि शांति बहाल करने के लिए सेना और CRPF की रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को तैनात किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोकराझार और चिरांग जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं फिलहाल बंद रहेंगी।
मुख्यमंत्री ने सभी समुदायों के नेताओं और सिविल सोसाइटी से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। वहीं असम पुलिस का कहना है कि करिगांव में हालात अब नियंत्रण में हैं और स्थिति सामान्य करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।













