22 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Rashifal Desk: साल 2026 एक बार फिर त्योहारों की रौनक से भरा रहने वाला है। नए साल की शुरुआत 1 जनवरी को पड़ने वाली पौष पूर्णिमा से होगी, जिसके बाद 14 जनवरी को मकर संक्रांति और दक्षिण भारत में पोंगल मनाया जाएगा। जनवरी में ही 23 जनवरी को वसंत पंचमी और 27 जनवरी को षटतिला एकादशी पड़ेगी। फरवरी में 1 फरवरी को माघ पूर्णिमा स्नान और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि होगी, जबकि 27 फरवरी को आमलकी एकादशी आएगी।
मार्च महीने की शुरुआत रंगों की खुशियों से होगी—3 मार्च को होलिका दहन और 4 मार्च को होली मनाई जाएगी, जबकि 26 मार्च को रामनवमी का पर्व रहेगा। अप्रैल में 2 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जयंती, वहीं 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया मनाई जाएगी। मई के प्रमुख त्योहारों में 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा, 28 मई को वट सावित्री व्रत और 31 मई को निर्जला एकादशी शामिल हैं।
जून में 12 जून को गंगा दशहरा और 19 जून को वट पूर्णिमा रहेगी। जुलाई में 16 जुलाई को पुरी रथयात्रा, 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी और 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा मनाई जाएगी। अगस्त में 15 अगस्त को हरियाली तीज, 17 अगस्त को नाग पंचमी, 26 अगस्त को ओणम और 28 अगस्त को रक्षा बंधन पड़ेगा, जबकि 31 अगस्त को कजरी तीज होगी।
सितंबर में 4 सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी, 7 सितंबर को अजा एकादशी, 14 सितंबर को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी शुरू होगी। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी और 27 सितंबर से पितृ पक्ष आरंभ होगा। अक्टूबर में 10 अक्टूबर को श्राद्ध अमावस्या के साथ पितृ पक्ष खत्म होगा, 11 अक्टूबर से नवरात्रि शुरू होगी और 20 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा। 25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा और 29 अक्टूबर को करवा चौथ पड़ेगी।
नवंबर में साल के सबसे बड़े त्योहार आएंगे—6 नवंबर को धनतेरस, 7 नवंबर को नरक चतुर्दशी, 8 नवंबर को दीवाली, 9 नवंबर को गोवर्धन पूजा और 10–11 नवंबर के बीच भाई दूज मनाई जाएगी। दिसंबर की शुरुआत 1 दिसंबर को कालभैरव जयंती, 16 दिसंबर को धनु संक्रांति, 20 दिसंबर को गीता जयंती और 23 दिसंबर को मार्गशीर्ष पूर्णिमा के साथ होगी, जिसके साथ वर्ष 2026 का समापन भी इसी पवित्र दिन पर होगा।













