25 जुलाई 2025 फैक्टर रिकॉर्डर
Health Desk: पेट के बैक्टीरिया और दिमाग का गहरा कनेक्शन: जानें कैसे माइक्रोबायोम आपके मूड और मानसिक स्वास्थ्य को करता है प्रभावित हमारा शरीर एक जटिल मशीन की तरह काम करता है, जहां हर अंग एक-दूसरे से किसी न किसी तरह जुड़ा होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारा मस्तिष्क और आंत (पेट) के बीच सीधा और गहरा संबंध है? आम धारणा यही है कि पेट केवल खाना पचाने का काम करता है, मगर सच्चाई इससे कहीं आगे है। वैज्ञानिकों ने यह पाया है कि पेट में मौजूद सूक्ष्म जीवाणु यानी गट माइक्रोबायोम हमारे मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।
क्या है गट माइक्रोबायोम?
हमारे पेट में करोड़ों जीवाणु रहते हैं जिन्हें गट माइक्रोबायोम कहा जाता है। ये न केवल पाचन में मदद करते हैं, बल्कि मस्तिष्क के साथ निरंतर संवाद भी करते हैं। वे हमारे मूड, भावनाओं, याददाश्त, नींद और सोचने-समझने की क्षमता पर भी असर डालते हैं।
कैसे होता है दिमाग और पेट का संवाद?
पेट और दिमाग के बीच का सबसे अहम रास्ता है वेगस नर्व – यह एक प्रमुख तंत्रिका है जो दोनों अंगों के बीच संदेश पहुंचाने का काम करती है। इसके अलावा, आंत के बैक्टीरिया सेरोटोनिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर बनाते हैं, जिसका करीब 90% हिस्सा पेट में ही बनता है। ये रसायन मूड, नींद और भूख को नियंत्रित करते हैं।
गट बैक्टीरिया कैसे प्रभावित करते हैं मानसिक स्वास्थ्य?
जब गट माइक्रोबायोम का संतुलन बिगड़ता है (इसे डिसबायोसिस कहा जाता है), तो इससे चिंता, अवसाद और तनाव बढ़ सकता है। खराब माइक्रोबायोम सूजन बढ़ाता है और मस्तिष्क तक सही रासायनिक संदेश नहीं पहुंचा पाता, जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है।
स्वस्थ गट माइक्रोबायोम तनाव के असर को कम कर सकता है, और संज्ञानात्मक कार्य जैसे सोचने, समझने और याद रखने की क्षमता को बेहतर बना सकता है। नींद के पैटर्न पर भी इसका असर होता है।
आंत के बैक्टीरिया को क्या करता है नुकसान?
प्रोसेस्ड और ज्यादा मीठा खाना
कम फाइबर युक्त डाइट
बार-बार एंटीबायोटिक लेना
नींद की कमी
लगातार तनाव
गट हेल्थ सुधारने के लिए क्या करें?
फर्मेंटेड फूड खाएं: दही, छाछ, किमची, सॉवरक्रॉट जैसे खाद्य पदार्थ माइक्रोबायोम को मजबूत करते हैं
फाइबर से भरपूर डाइट: फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज
प्रोसेस्ड फूड्स और चीनी से बचें
नियमित व्यायाम और योग
अच्छी नींद लें और तनाव को मैनेज करें
यदि आपको लगातार मूड स्विंग, तनाव, नींद की समस्या या पाचन से जुड़ी गंभीर दिक्कतें हो रही हैं, तो किसी डॉक्टर या डायटीशियन से सलाह लेना जरूरी है।
नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिसर्च और रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।













