बुधवार का पंचांग, तिथि से लेकर शुभ-अशुभ मुहूर्त तक पूरी जानकारी

31 December 2025 Fact  Recorder

Rashifal Desk:  हिंदू पंचांग के अनुसार किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य से पहले दिन की तिथि, नक्षत्र, योग और मुहूर्त का ज्ञान आवश्यक माना जाता है। बुधवार, 31 दिसंबर 2025 को शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है और इस दिन कई विशेष ज्योतिषीय संयोग बन रहे हैं। आइए जानते हैं आज के पंचांग में तिथि, करण, योग के साथ-साथ शुभ और अशुभ मुहूर्तों का पूरा विवरण।

तिथि:
31 दिसंबर को शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि रहेगी, जो रात 01:47 बजे (01 जनवरी 2026) तक प्रभावी होगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।

वार और पक्ष:
आज का दिन बुधवार है और चंद्रमा शुक्ल पक्ष में स्थित रहेगा।

नक्षत्र और योग:
कृत्तिका नक्षत्र रात 01:29 बजे (01 जनवरी) तक रहेगा, इसके बाद रोहिणी नक्षत्र शुरू होगा। वहीं साध्य योग रात 09:13 बजे तक रहेगा, जिसके बाद शुभ योग बनेगा।

करण:
बव करण दोपहर 03:26 बजे तक रहेगा। इसके बाद बालव करण रात 01:47 बजे (01 जनवरी) तक प्रभावी रहेगा, फिर कौलव करण शुरू होगा।

मास:
अमांत और पूर्णिमांत—दोनों ही पंचांगों के अनुसार आज पौष मास है।

सूर्य और चंद्र का समय:
आज सूर्योदय सुबह 07:14 बजे और सूर्यास्त शाम 05:35 बजे होगा। चंद्रमा का उदय दोपहर 02:19 बजे तथा चंद्रास्त 01 जनवरी की सुबह 04:55 बजे होगा।

शुभ मुहूर्त:
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:24 बजे से 06:19 बजे तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 05:32 बजे से 06:00 बजे तक होगा। आज अभिजित मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।

अशुभ मुहूर्त:
राहुकाल दोपहर 12:24 बजे से 01:42 बजे तक रहेगा। यमगण्ड सुबह 08:31 बजे से 09:49 बजे तक और गुलिक काल 11:07 बजे से 12:24 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त दोपहर 12:04 बजे से 12:45 बजे तक माना जाएगा।

राशि स्थिति और दिशा शूल:
आज चंद्रमा सुबह 09:23 बजे तक मेष राशि में रहेगा, इसके बाद वृषभ राशि में प्रवेश करेगा। सूर्य धनु राशि में स्थित है। दिशा शूल उत्तर दिशा में रहेगा, इसलिए इस दिशा में यात्रा से बचना शुभ माना जाता है।

नोट:
यह पंचांग सामान्य धार्मिक और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशेष कार्य से पहले स्थानीय पंचांग या ज्योतिष विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा।