20 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: देश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। India Meteorological Department (IMD) के अनुसार एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। वहीं उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार बने हुए हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि यह पश्चिमी विक्षोभ उत्तर राजस्थान के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा के आसपास के क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है। यह प्रणाली जमीन से करीब 3 से 7 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली हुई है, जिससे मौसम में अस्थिरता देखी जा रही है। इसके चलते कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो चुकी है और आगे भी छिटपुट बारिश या बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ सकती है, ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
दक्षिण और द्वीपीय क्षेत्रों में बारिश का अनुमान
दक्षिण भारत और द्वीपीय क्षेत्रों में भी मौसम बिगड़ने के संकेत हैं। भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के पास बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 20 से 22 फरवरी के बीच तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल के कुछ हिस्सों में भी बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
समुद्री इलाकों में अलर्ट, मछुआरों को चेतावनी
समुद्री क्षेत्रों में हालात और खराब हो सकते हैं। मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन क्षेत्र में हवाओं की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और श्रीलंका के पूर्वी तट के पास भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
तापमान में आगे भी उतार-चढ़ाव
उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान गिरने के बाद करीब पांच दिन तक इसमें बड़ा बदलाव नहीं होगा, जिससे सुबह-शाम ठंड का असर बना रहेगा। पूर्वी भारत में अगले दो दिनों तक तापमान लगभग स्थिर रह सकता है, जबकि बाद में इसमें 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी संभव है। गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा में भी आने वाले दिनों में तापमान धीरे-धीरे बढ़ने का अनुमान है।













