मौसम अपडेट: Western Disturbance कमजोर, फिर भी उत्तर भारत में बारिश-ओले और गर्मी-उमस से परेशानी

2 अप्रैल, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk:  उत्तर भारत में मौसम का मिजाज फिलहाल पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है। Western Disturbance कमजोर पड़ने के बावजूद कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर बढ़ती गर्मी और उमस लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा रही हैं।

किन इलाकों में कैसा रहेगा मौसम?

  • राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और पहाड़ी क्षेत्र:
    हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 30–50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना
  • मध्य भारत:
    कई जगहों पर ओलावृष्टि का खतरा
  • पूर्वोत्तर राज्य (असम, मेघालय, अरुणाचल):
    भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी

मौसम विभाग के अनुसार यह पश्चिमी विक्षोभ भले ही कमजोर हो गया है, लेकिन इसका असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

क्यों बना हुआ है मौसम अस्थिर?

राजस्थान के आसपास बना ऊपरी हवा का चक्रवात अब उत्तर-पूर्वी हिस्सों की ओर खिसक गया है, जिससे मौसम गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। यही कारण है कि कई इलाकों में अचानक बारिश और आंधी देखी जा रही है।

पिछले 24 घंटों में हाल

देश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई, जिनमें

  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली, पंजाब, हरियाणा
  • असम, मेघालय
  • पश्चिम बंगाल और कर्नाटक के तटीय क्षेत्र शामिल हैं

गर्मी और उमस का बढ़ता असर

बारिश के बीच भी गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है। हालात ऐसे हैं कि दिन के समय काम करना मुश्किल हो रहा है।

एक हालिया शोध के मुताबिक:

  • अत्यधिक तापमान और नमी के कारण लोगों के काम करने के सुरक्षित घंटे कम हो रहे हैं
  • बुजुर्गों के लिए यह समस्या ज्यादा गंभीर है
  • दुनिया के लगभग 35% युवा भी अत्यधिक गर्मी वाले क्षेत्रों में प्रभावित हो रहे हैं

क्या है बड़ा खतरा?

विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में तापमान और आर्द्रता का स्तर इतना बढ़ रहा है कि मानव शरीर खुद को ठंडा नहीं रख पाता। ऐसी स्थिति में बिना ठंडे वातावरण के बाहर रहना खतरनाक हो सकता है।

👉 कुल मिलाकर, उत्तर भारत में फिलहाल “दोहरी मार” की स्थिति है—एक तरफ बारिश और आंधी, दूसरी तरफ बढ़ती गर्मी और उमस। आने वाले दिनों में भी मौसम का यह उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।