8 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Education Desk: कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (WBSSC) को निर्देश दिया है कि वह 1,806 दागी उम्मीदवारों की पूरी और विस्तृत जानकारी के साथ एक नई रिपोर्ट अदालत में दाखिल करे। अदालत ने स्पष्ट किया कि अधूरी जानकारी के कारण ऐसे उम्मीदवार नई भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
यह 1,806 उम्मीदवार उन 25,753 अभ्यर्थियों में शामिल हैं, जिनकी नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2025 में भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं पाए जाने के बाद रद्द कर दी थीं।
न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने आयोग द्वारा प्रस्तुत वर्तमान सूची पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियों का अभाव है। अदालत के अनुसार सूची में उम्मीदवारों का रोल नंबर, नाम, विषय, माता-पिता का नाम और जन्म तिथि तो दर्ज है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उम्मीदवार किस आधार पर दागी पाए गए।
इसके अलावा, यह जानकारी भी शामिल नहीं है कि 2016 के पहले स्कूल लेवल सेलेक्शन टेस्ट (SLST) के तहत उम्मीदवार की नियुक्ति किस स्कूल और किस जिले में हुई थी।
अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि दागी उम्मीदवारों की पहचान से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई, तो कुछ उम्मीदवार जांच से बच सकते हैं और भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं में भाग ले सकते हैं।
हाईकोर्ट ने याद दिलाया कि 19 नवंबर 2025 के अपने पूर्व आदेश में भी कहा गया था कि दागी उम्मीदवारों की सूची प्रकाशित करना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उनकी स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।
अदालत ने WBSSC को निर्देश दिया है कि वह सभी आवश्यक विवरणों के साथ संशोधित सूची प्रकाशित करे। मामले की अगली सुनवाई 11 फरवरी को होगी।













