03 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Health Desk: मध्यप्रदेश के इंदौर में इन दिनों दूषित पेय जल गंभीर स्वास्थ्य संकट बन गया है। भागीरथपुरा इलाके में जहरीले पानी की आपूर्ति के चलते अब तक 15 लोगों की मौ/त हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक लोग बीमार बताए जा रहे हैं। हालात इतने भयावह हैं कि कई परिवारों के एक से अधिक सदस्य संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। मेडिकल जांच में पानी में खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने हैजा (कॉलरा) की आशंका जताई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इंदौर के 90 से अधिक क्षेत्रों में गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। भागीरथपुरा निवासी संजय यादव बताते हैं कि जहरीले पानी के कारण उनकी मां की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा अस्पताल में भर्ती है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि पानी ने उनकी मां को उनसे छीन लिया, अब सरकार उनके बच्चे की जान बचा ले।
क्या है हैजा और कितना खतरनाक?
वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. आर. एम. खान के अनुसार, हैजा एक गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है जो दूषित पानी या भोजन से फैलता है। यह बीमारी विब्रियो कोलेरी बैक्टीरिया के कारण होती है और इसमें तेज पतले दस्त, उल्टी और तेजी से डिहाइड्रेशन होने लगता है। समय पर इलाज न मिले तो कुछ ही घंटों में मरीज की जान भी जा सकती है। हालांकि, सही समय पर तरल पदार्थ, ओआरएस और डॉक्टर की निगरानी में एंटीबायोटिक्स देने से मरीज को बचाया जा सकता है।
बचाव के लिए क्या करें?
डॉक्टरों की सलाह है कि लोग केवल उबला हुआ, ठंडा और छना हुआ पानी ही पिएं। पानी उबालने से ई.कोलाई, साल्मोनेला, हैजा और टाइफाइड जैसे बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं। गंदा पानी पीने से दस्त, उल्टी, पेट दर्द, पेचिश और फूड पॉइजनिंग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
आरओ का पानी कितना सुरक्षित?
डॉ. खान बताते हैं कि आरओ प्यूरीफायर से फिल्टर किया गया पानी आमतौर पर बैक्टीरिया, केमिकल्स और भारी धातुओं को हटाने में कारगर होता है। लेकिन आरओ प्रक्रिया में पानी से जरूरी मिनरल्स भी निकल जाते हैं, जिससे लंबे समय में इम्युनिटी कमजोर हो सकती है। इसलिए डॉक्टर मानते हैं कि आपात स्थिति में आरओ पानी ठीक है, लेकिन सबसे सुरक्षित तरीका अब भी पानी को उबालकर पीना ही है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।













