03 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
International Desk: पाकिस्तान से भारत के समर्थन में एक अहम आवाज सामने आई है। प्रख्यात बलूच नेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलूच ने भारत के साहसिक कदमों की खुलकर तारीफ करते हुए पाकिस्तान और चीन के बढ़ते सैन्य गठजोड़ पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने आशंका जताई है कि आने वाले महीनों में चीन बलूचिस्तान क्षेत्र में अपनी सैन्य तैनाती कर सकता है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर को लिखे एक पत्र में मीर यार बलूच ने कहा कि बलूचिस्तान ने दशकों से पाकिस्तान के नियंत्रण में दमन, राज्य प्रायोजित हिंसा और व्यापक मानवाधिकार उल्लंघन झेले हैं। उन्होंने इसे बलूच जनता के आत्मसम्मान और अस्तित्व के खिलाफ बताया।
बलूच राष्ट्रवादी नेताओं द्वारा मई 2025 में पाकिस्तान से आज़ादी की घोषणा के बाद अब मीर बलूच ने ऐलान किया है कि रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान 2026 के पहले सप्ताह में ‘बलूचिस्तान ग्लोबल डिप्लोमेटिक वीक’ मनाएगा। इस पहल का उद्देश्य दुनिया भर के देशों से सीधे संवाद स्थापित करना और बलूच मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाना है।
ऑपरेशन सिंदूर की खुली सराहना
नए साल के संदेश में मीर यार बलूच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2025 में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के ठिकानों पर भारत की कार्रवाई साहस, दृढ़ संकल्प और क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उन्होंने भारत को नए साल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बलूचिस्तान गणराज्य के छह करोड़ नागरिकों की ओर से वे भारत के 140 करोड़ लोगों, संसद, मीडिया, सिविल सोसाइटी और सभी सम्मानित व्यक्तियों को वर्ष 2026 की हार्दिक बधाई देते हैं।
हिंगलाज माता मंदिर का उल्लेख
मीर यार बलूच ने भारत और बलूचिस्तान के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि हिंगलाज माता मंदिर (नानी मंदिर) जैसे पवित्र स्थल दोनों क्षेत्रों की साझा विरासत और आध्यात्मिक रिश्तों का जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि यह अवसर दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों पर विचार करने और उन्हें मजबूत करने का है।













