18 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: टेक अरबपति और Sun Microsystems के सह-संस्थापक Vinod Khosla ने नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 में बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि 2030 तक आईटी सर्विस और BPO इंडस्ट्री अपने मौजूदा रूप में लगभग खत्म हो सकती है, क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से पारंपरिक नौकरियों की जगह ले रहा है।
खोसला, जो Khosla Ventures के संस्थापक भी हैं, के मुताबिक आने वाले वर्षों में काम करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा और पारंपरिक नौकरियों की जरूरत काफी कम हो सकती है।
2030 तक IT और BPO पर संकट?
खोसला का मानना है कि AI आधारित ऑटोमेशन और नई तकनीकों के चलते आउटसोर्सिंग का मौजूदा मॉडल टिक नहीं पाएगा। खासकर भारत जैसे देशों में, जहां IT सर्विस और BPO सेक्टर अर्थव्यवस्था की रीढ़ रहे हैं, वहां इसका प्रभाव गहरा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि लोग तकनीकी बदलाव की रफ्तार को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जबकि AI बहुत तेजी से इंडस्ट्री स्ट्रक्चर को बदल रहा है।
विशेष रूप से वे पेशेवर जो 15–20 वर्षों से एक ही ढर्रे पर काम कर रहे हैं और नई स्किल्स नहीं सीख रहे, उन्हें भविष्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
‘AI से डरें नहीं, उसे अपनाएं’
खोसला का संदेश साफ था—AI से डरने के बजाय उसे अपनाने की जरूरत है।
नई तकनीक सीखें
स्किल्स को अपग्रेड करें
ऑटोमेशन के साथ काम करने की क्षमता विकसित करें
उनके मुताबिक, भविष्य पूरी तरह तकनीक-चालित होगा और जो लोग खुद को अपडेट करेंगे, वही आगे टिक पाएंगे।
हेल्थ सेक्टर में AI की बड़ी भूमिका
खोसला ने स्वास्थ्य क्षेत्र में AI की अहमियत पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि भारत जैसे देश में केवल डॉक्टरों की संख्या बढ़ाकर सभी तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना संभव नहीं है।
उन्होंने तर्क दिया कि अगर करोड़ों लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा देनी हो, तो AI आधारित “डिजिटल डॉक्टर” एक व्यावहारिक और किफायती समाधान हो सकता है। इससे कम लागत में बड़ी आबादी तक सेवाएं पहुंचाई जा सकती हैं।
क्या सच में खत्म हो जाएंगी नौकरियां?
विशेषज्ञ मानते हैं कि AI कुछ नौकरियों को खत्म जरूर करेगा, लेकिन साथ ही नई तरह की नौकरियां भी पैदा होंगी। इतिहास गवाह है कि हर तकनीकी क्रांति के साथ रोजगार का स्वरूप बदला है, पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।
फिलहाल IT और BPO सेक्टर के लिए यह एक स्पष्ट संकेत है—डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को तेजी से अपनाना ही भविष्य की कुंजी है।











